चक्कर आने से बचने के उपाय.।

प्र●1●चक्कर आने से बचने के उपाय.।

04,September,2018

◆अचानक चक्कर आना या सिर चकराना कोई मामूली लक्षण समझकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। यह किसी गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकते है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डाॅक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए। अक्सर लोग सिर चकराने को उतनी गंभीरता से नहीं लेते हैं उन्हें इस बारे में गंभीरता से लेना चाहिए ,अचानक चक्कर आने के कई कारण होते है।

◆कुछ लोगों के लिए इसका मतलब है सर भारी सा लगना और असंतुलित महसूस करना, जबकि दूसरे लोग इस शब्द का प्रयोग तब करते हैं जब वो ये बताना चाहते हैं कि उन्हें आस-पास सबकुछ घूमता हुआ सा लग रहा है इस बीमारी का लक्षण काफी अस्पष्ट सा है और ऐसे कई तत्व हैं ।

चक्कर आने के क्या लक्षण होते हैं

◆चक्कर की समस्या को महसूस करने वाले लोग इसे कई संवेदनाओं के रूप में बता सकते हैं, जैसे-

★खड़े होने या बैठने पर नियंत्रण खोना।

★सिर का एक तरफ झुक जाना।

★हल्का सिर दर्द व बेहोशी महसूस करना।

★किसी एक स्थिति में बैठने या रहने में मुश्किल होना।

★खुद को आगे और पीछे की ओर गिरता हुआ महसूस करना।

★नीचे जमीन को देखकर अपनी स्थिति का पता करने की प्रवृत्ति।

★बैठे या खड़े होने पर किसी चीज को छुकर या पकड़कर रखने की आदत।

★आपके स्थिर होने पर भी आस-पास की सभी चीजें घूमती हुई लगना व चक्कर आना।

■आपके चलते समय, खड़े होने या अपने सिर को हिलाने की स्थिति में इसके लक्षण धीरे-धीरे गंभीर भी हो सकते हैं। चक्कर आने पर आपको उल्टी भी हो सकती है। इसके अचानक होने पर आप बैठ या लेट जाएं। चक्कर आने की स्थिति से निकलने के अंतिम पड़ाव में आप धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं।यह परिस्थिति कभी कभी कुछ ही सैकंड में सामान्य हो जाती है तो कभी इसे सामान्य होने में घंटों लग जाते है। साथ ही कुछ ही समय में इसकी पुनरावृत्ति हो सकती है।

चक्कर सही करने के उपाय

◆पानी पियें: अक्सर चक्कर आने का कारण शरीर में पानी की कमी हो जाना होता है ,सामान्यतया पानी की कमी तब होती है जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं ले रहे होते हैं, या व्यायाम करने के दौरान, या व्यायाम के बाद होने वाली पानी की कमी को पूरा नहीं कर पाते हैं आपको चक्कर तब भी आ सकता है जब आप उल्टी, दस्त, या बुखार से पीड़ित हों क्योंकि इन बीमारियों के कारण आपके शरीर में द्रव्य की काफी कमी हो सकती है जब चक्कर आना थोड़ा कम हो जाए तब आपको ज्यादा मात्रा में पानी और दूसरे द्रव्यों का सेवन करना चाहिए ,अगर बहुत ज्यादा पानी पीना आपके लिए मुश्किल हो रहा हो तो दूसरे द्रव्यों का सेवन करें जैसे एनर्जी ड्रिंक्स, थोड़ी सी चीनी के साथ गर्म चाय, तरह-तरह के सूप और शोरबे, या फलों के पतले किये हुए जूस ।

◆कुछ खाएं: ब्लड सुगर का स्तर कम होने पर भी आपको चक्कर आ सकता है, खास तौर पर अगर आपको डायबिटीज की बीमारी हो जब भी आपको चक्कर आये, आप शीघ्र खाया जा सकने वाला कोई नाश्ता ले लें, खास तौर से ऐसा नाश्ता जिसमें कार्बोहाइड्रेट और चीनी की मात्रा ज्यादा हो अगर आप एक चॉकलेट या बनाना बार खा लें तो ये आपके लिए काफी अच्छा रहेगा ।

◆किसी खास स्थान/निशान पर ध्यान केन्द्रित करें: तेजी से घूमते समय चक्कर ना आये, इसके लिए कई डांसर अपना ध्यान किसी खास स्थान या निशान पर केन्द्रित करते हैं यही तरीका वो लोग भी अपना सकते हैं जिनको अक्सर चक्कर आते रहते हैं अगर आप किसी खास स्थान/निशान पर ध्यान केन्द्रित करें, जैसे छत की किसी दरार पर या फर्श पर गंदगी के कारण बने किसी धब्बे पर, तो चाहे आपका शरीर आपको ऐसा संकेत दे रहा हो कि आप हिल रहे हैं, लेकिन आपकी ज्ञानेन्द्रियाँ आपको ये महसूस कराएंगी कि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है ।

◆गहरी साँस लें: चक्कर आना कई बार एंग्जायटी अटैक का लक्षण होता है , अक्सर जब एंग्जायटी अटैक आते हैं तो ऐसा महसूस होता है कि आप पूरी साँस नहीं ले पा रहे हैं , लेकिन वास्तविक समस्या ये होती है कि आप बहुत ज्यादा साँस लेने की कोशिश कर रहे होते हैं  अगर ऐसा है तो धीरे-धीरे, गहरी साँस लेने की कोशिश करें , ऐसा करने से आपका मन शांत होगा और आपको ऐसा कम महसूस होगा कि आपको चक्कर आ रहा है ।

◆तेज चमक वाली रौशनी से दूर रहें: अगर आपको चक्कर आने का एहसास हो रहा हो तो तेज चमक वाली रौशनी, या टेलीविज़न और लैपटॉप से आने वाली रौशनी से दूर रहें ,तेज चमक वाली रौशनी से आपका ध्यान भटक सकता है और चक्कर आने की समस्या गंभीर हो सकती है किसी अँधेरे कमरे में बैठने या लेटने की कोशिश करें, या एक या दो मिनट के लिए अपनी आँखें बंद कर लें ।

◆एप्ले मन्यूवर परफॉर्म करे, एप्ले मन्यूवर, सर और गर्दन को हिलाने-डुलाने और झुकाने का व्यायाम है जिसका प्रयोग चक्कर के लक्षणों के उत्पन्न होने पर ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है  इसमें कैल्शियम क्रिस्टल डेब्रीज  जो चक्कर लाते हैं, उनको इनर इअर  के किसी स्थान पर सरका दिया जाता है जहाँ ये चक्कर के लक्षण उत्पन्न नहीं कर पाते हैं एप्ले मन्यूवर परफॉर्म करने के लिए,बैठ जाएँ और अपने सर को क्षैतिज अवस्था में प्रभावित कान की तरफ 45 डिग्री पर झुका दें ,अपने सर को 45 डिग्री के घुमाव पर झुलाते हुए क्षैतिज अवस्था में लेट जाएँ , एक या दो मिनट के लिए इसी अवस्था में रहें ,आप ये महसूस करेंगे कि चक्कर आना कम हो गया है ,अपने सर को उस कान की तरफ 90 डिग्री एंगल में घुमाएँ जो कान अप्रभावित है , अप्रभावित कान की तरफ सर को लुढ़काते रहें  आपकी फर्श की तरफ देखने जैसी अवस्था हो जानी चाहिए ,इस अवस्था को बनाये रखें: आप चक्कर आने के दूसरे अटैक का अनुभव कर सकते हैं, लेकिन यह एक मिनट के अंदर समाप्त हो जाना चाहिए धीरे-धीरे बैठने वाली अवस्था में आ जाएँ ।

◆धीरे-धीरे चले-फिरें: अगर आपको अक्सर चक्कर आते रहते हैं तो अचानक से कोई मूवमेंट नही करना चाहिए क्योंकि तेजी से मूवमेंट करने पर आपका ब्लडप्रेशर भयंकर रूप से बढ़ सकता है ,आप जब भी उठे या बैठे, तो अगर संभव हो तो आपको किसी मजबूत और स्थिर सतह को पकड़ के धीरे-धीरे, और सतर्कता के साथ कोई भी हरकत करनी चाहिए ,
जब आप सुबह बिस्तर से उठें, तो कई स्टेजों में उठने की कोशिश करें , सबसे पहले आपको बिस्तर से धीरे-धीरे उठना चाहिए और उसके बाद अपने पैर फर्श पर रखने चाहिए , धीरे-धीरे खड़े हों लेकिन उससे पहले एक पल के लिए गहरी साँस लें और रिलैक्स हो जाएँ ,
अगर आप बैठने की अवस्था में हों और उस अवस्था से खड़े होने की अवस्था में आयें तो सबसे पहले अपने पैरों को हिलाएं , ऐसा करने से आपके शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से होगा और चक्कर कम आयेंगे.।

◆पकने के बाद सूखी हुई लौकी को डण्ठल की तरफ से काट दें, ताकि अन्दर का खोखलापन दिखाई दे अगर सूखा गूदा हो तो उसे निकाल दें अब इसमें ऊपर तक पानी भर कर 12 घण्टे तक रखें फिर हिलाकर पानी निकाल कर साफ कपड़े छान लें इस पानी को ऐसे बर्तन में भरें, जिसमें आप अपनी नाक डुबो सकें नाक डुबोकर जोर से सांस खींचें, ताकि पानी नाक से अन्दर चढ़ जाए,पानी खींचने के बाद नाक नीची करके आराम करें इस उपाय से चक्कर आने की समस्या सदा के लिए खत्म हो जाती है।

◆चक्कर आने पर तुलसी के रस में चीनी मिलाकर सेवन करने से या तुलसी के पत्तों में शहद मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है।

◆चक्कर आने पर धनिया पाउडर दस ग्राम तथा आंवले का पाउडर दस ग्राम लेकर एक गिलास पानी में भिगो कर रख दें। सुबह अच्छी तरह मिलाकर पी लें। इससे चक्कर आने बंद हो जाते है।

◆सिर चकराने पर आधा गिलास पानी में दो लौंग डालकर उसे उबाल लें और फिर उस पानी को पी लें। इस पानी को पीने से लाभ मिलता है।

◆10 ग्राम आंवला, 3 ग्राम काली मिर्च और 10 ग्राम बताशे को पीस लें। 15 दिनों तक रोजाना इसका सेवन करें चक्कर आना बंद हो जाएगा।

◆जिन लोगों को चक्कर आते हैं उन्हें दोपहर के भोजन के 2 घंटे पहले और शाम के नाश्ते में फलों का जूस पीना चाहिए। रोजाना जूस पीने से चक्कर आने बंद हो जाएंगे। लेकिन ध्यान रखें कि जूस में किसी प्रकार का मीठा या मसाला नहीं डालें सदा जूस पियें। जूस की जगह चाहें तो ताजे फल भी खा सकते हैं।

◆नारियल का पानी रोज पीने से भी चक्कर आने बंद हो जाते है।

◆चाय व कॉफ़ी कम पीनी चाहिए। अधिक चाय व कॉफ़ी पीने से भी चक्कर आते हैं।

◆20 ग्राम मुनक्का घी में सेंककर सेंधा नमक डालकर खाने से चक्कर आने बंद हो जाते है।

◆खरबूजे के बीजों को पीसकर घी में भुन लें, अब इसकी थोड़ी थोड़ी मात्रा सुबह शाम लें, इससे चक्कर आने की समस्या में बहुत लाभ होता है।

■इन सब घरेलू उपायों को अपनाकर आप चक्कर आने की समस्या से निजात पा सकती है लेकिन अगर समस्या, गंभीर है तो तुरन्त डाक्टर से संपर्क करें।

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