प्र●1● आदमी ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है!
21,june,2018
◆ हमारी जिंदगी पर भी लागू होती है किंतु वह चीज जो हमारे अंदर है और वह चीज जो हमें ऊपर की ओर ले जाती है वह हमारा नजरिया अंदाज है क्या आपको कभी ताज्जुब वह है कि कुछ व्यक्ति अपनी मजबूत चीज आपके मन की शांति को भंग ना कर सके जिस किसी से भी मिले अच्छी सेहत खुशी और लड़की की बातें करें सभी दोस्तों को यह एहसास कराएं कि उन्हें भी खो दिया है हर चीज के अच्छे पहलू को ही देखें सिर्फ सबसे बढ़िया के बारे में सोचें सबसे बढ़िया के लिए ही काम करें और सबसे बढ़िया की उम्मीद करें जितने कि आप अपनी कामयाबी के लिए दूसरों की कामयाबी के लिए उतने ही उत्साहित बने पुरानी गलतियों को भूल कराने वाली उपलब्धियों की ओर बढ़े!
◆ मुसीबतों के बारे में बात ना करें दोगे ना खुश होते हैं खुशी के हालत में भी यह बुरा ही महसूस करते हैं इसी डर से कि ना जाने कल क्या हो जिंदगी के आईने में दरारें ढूंढने में लगे रहते हैं अपनी सेहत का मजा नहीं ले सकते क्योंकि यह सोचते हैं कि शायद कल बीमार हो जाए यह यकीन करते हैं कि सूरज सिर्फ परछाई बनाने के लिए ही चमकता है अपनी खुशियों को भूल कर सिर्फ मुसीबतों को ही गिनते हैं यह विश्वास करते हैं कि कड़ी मेहनत किसी को तकलीफ नहीं पहुंचाती लेकिन फिर भी सोचते हैं कि चांस क्यों लिया जाएँ!
◆ हम सभी अपनी जिंदगी में कभी ना कभी काम में टालमटोल करते हैं टालमटोल की आदत घटिया को बढ़ावा देती है इंसान को इतनी थकान काम करने की मेहनत से नहीं होती जितनी कि टालमटोली की आदत से होती है अगर आप सही नजरिया बनाना और उसे कायम रखना चाहते हैं तो आज मैं जीना सीखें और काम में तुरंत करने की आदत डालें वह चांदनी रातों में सोया उसने सुनहरी धूप का मजा उठाया कुछ करने की तैयारी में जिंदगी गुजार कारवां गुजर गया कुछ ना कर हार कर यह तो वैसी बात है कि छोटा बच्चा कहता है कि जब मैं बड़ा हो जाऊंगा तो यह करूंगा वह करूंगा इन्हीं आदतों को खूबसूरत लफ्जों की आड़ में छुपाते हैं यह कहकर कि मैं तो अभी इस पर बारीकी से सोच रहा हूं आइए हम आज आप को बेहतर बनाएं और इसका भरपूर आनंद ले इसका यह मतलब नहीं है कि हमें आगे के लिए योजना बनाने की जरूरत नहीं है गम यह है कि हमें आगे की योजना बनाने की जरूरत है और अगर हम अपने आज का भरपूर इस्तेमाल खुशहाली के लिए कर रहे हैं तो हम खुद ही खुद आने वाले बेहतर कल के बीच वह रहे क्या आप मानते हैं जिंदगी में सबसे ज्यादा उदासी से भरे शब्द है यह हो सकता है मुझे करना चाहिए था मैं कर सकता था काश मैं कर लेता काश मैंने थोड़ी और कोशिश की होती जो काम आप आज कर सकते हैं उसे कभी भी कॉल पर ना डालें!
◆ आमतौर पर हम सुनते हैं कि एक्सीडेंट या बीमारी की वजह से कोई अंदाजा पास हो गया लेकिन मुआवजे के तौर पर उसे लाखों डॉलर मिल जाते हैं हमने से इतने लोग ऐसे आदमी की जगह लेना चाहेंगे ज्यादा नहीं हमें पास जो नहीं है उसका रोने रोने से क्या फायदा जब मैं आपकी मुश्किलों की नहीं बल्कि नियमों के लिए शुक्रगुजार होने की बात करता हूं तो मेरा मतलब यह नहीं कि आप जिस हाल में है उसी हाल में संतुष्ट रहें अगर आपने मेरी बात का मतलब आत्म संतुष्टि निकाला है तो मैं अपनी बात को न समझ पाने के लिए दोषी हूं जिसे शराबियों के बीच भाषण देने के लिए बुलाया गया जाता है यह दर्शन करना चाहता था जिसे देखकर लोग समझ जाएं कि शराब पीना सेहत के लिए हानिकारक है इसके लिए उनके शीशे के द्वार लिए एक में साफ पानी भरा था और दूसरे में शराब उसने एक क्यों साफ पानी के जार में डाला वह आराम से उस में तैरना हुआ ऊपर आ गया दूसरा केंचुआ उसने शराब के जाल में डाला हुआ देखते ही देखते सब की आंखों के सामने व टुकड़े टुकड़े हो गया इस उदाहरण से साबित होता है कि शराब हमारे जीवन के अंदर ऐसे ही नुकसान पहुंचाती है हमारी बहुत सी नियम के जीते हुए खजाने की तरह होती है इसलिए अपनी नेमतों को जीने मुश्किलों को नहीं!
◆ हम सचमुच अपनी शिक्षा स्कूल और कॉलेजों में पढ़ते हैं आमतौर पर सब की राय एक ही थी कि कुछ तो शिक्षा पाते हैं लेकिन ज्यादातर नहीं स्कूल-कॉलेजों में हमें ढेरों जानकारियां मिलती है मुझे गलत ना समझे पढ़ा लिखा होने के लिए जानकारी तो चाहिए लेकिन हमें शिक्षा का सही मतलब समझने की जरूरत है शिक्षा आपके दिल पर असलियत में जो शिक्षा दिल पर असर ना डालें व नुकसान जय हो सकती है अगर हम परिवार दफ्तर और समाज को चरित्रवान बनाना चाहते हैं तो अपने शिक्षा ईमानदारी दया साथ इरादा और जिम्मेदारी जैसी बुनियादी और बेहद जरूरी खूबियों को बढ़ावा और बनाती है हमें ज्यादा अक्षर शिक्षा की जरूरत नहीं बल्कि चरित्र बनाने वाली शिक्षा की ज्यादा जरूरत है शिक्षा दिल और दिमाग दोनों पर असर डालती है एक अनपढ़ चोर मालगाड़ी से माल चुरा कर ले जाएगा जबकि एक पढ़ा-लिखा चोर पूरी मालगाड़ी चुरा ले जाएगा युवक बहुत काबिलियत मगर पढ़े-लिखे जाहिल बनकर निकल रहे हैं क्योंकि हम युवाओं को नैतिक कथा का कोई आधार नहीं दे पा रहे हैं जिसकी उन्हें ज्यादा से ज्यादा ताला से ज्यादा सी के बिना भी अच्छे ग्रेट हो दीकरी तो मिल जाती है लेकिन सब से हम बात कोई सीख सकता है तो वह है सीखने की सही तरीके को सीके लोग सूचनाओं को करने की काबिलियत को ही गलती से शिक्षा समझ लेते हैं बिना मूल्यों के दिमाग शिक्षा समझ के लिए आफत बन जाती है!
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