हमारे जीवन में आने वाले सुख दुःख भी हमारे आदतों पर निभर है,और परिवार में भोजन तैयार किचान मे कहा करना चाहिऐ निचे पूरा पड़े.।

प्र●1●हर व्यत्कि में अच्छी और बुरी आदते है ,और जहाँ सम्पूर्ण परिवार के लिए भोजन तैयार होता है जैसे की!
06,june,2018

◆हर व्यक्ति में अच्छी और बुरी आदते होती हैं| हमारी यही आदतें बताती हैं कि हमारा व्यक्तित्त्व कैसा है और हम कैसी सोच रखते हैं हमारे जीवन में आने वाले सुख  दुःख भी हमारी आदतों पर ही निर्भर करते हैं शास्त्रों में हमारी आदतों के बारे में बताया गया है कि हमारी कुछ गलत आदतें हमें बहुत अशुभ फल दे सकती हैं| इन आदतों को छोड़कर हम अपना जीवन सुखमय बना सकते हैं आइए जानते हैं कि ऐसी कौन सी आदते हैं जो भविष्य में हमें अशुभ फल दे सकती हैं!

◆स्नान घर को गन्दा छोड़ना कुछ लोगों में आदत होती है कि वह स्नान के बाद स्नान घर की सफाई नहीं करते हैं परन्तु क्या आप जानते है कि आपकी इस आदत से आपको चंद्र ग्रह से अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं जल तत्व को चंद्र प्रभावित करता है शास्त्रों में कहा गया है कि स्नान करने के बाद स्नान घर की सफाई करने से अर्थात फैले पानी को निकल देने से शरीर का तेज बढ़ता है और चंद्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त होते हैं!

◆जूठी थाली न उठाना कई बार हम खाना खाने के बाद अपनी जूठी थाली छोड़कर ही उठ जाते हैं| परन्तु यह आदत बिलकुल भी उचित नहीं है हमारी इस आदत के कारण हमें कार्यों में स्थायी सफलता प्राप्त नहीं होती हमें कभी हमारी मेहनत के अनुसार संतोषजनक फल प्राप्त नहीं हो पाता, खाना खाने के बाद जूठे बर्तनों को सही स्थान पर रखा जाए तो शनि और चंद्र के दोष दूर होते हैं साथ ही, लक्ष्मी की प्रसन्नता भी मिलती हैं!

◆बिस्तर अव्यवस्थित रखना हमें अपने घर में बिस्तर का भी ख्याल रखना चाहिए घर में अव्यवस्थित बिस्तर और गंदी चादर रहने से हमारे जीवन में बहुत अशुभ प्रभाव पड़ते हैं यदि घर में हम इन सबको अव्यवस्थित रखते हैं तो घर के सदस्यों की दिनचर्या भी अव्यवस्थित ही होती है और साथ ही यह आदत स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं है!

◆ जूते-चप्पल अव्यवस्थित ढंग से रखना कई बार हम घर में जूते-चप्पल इधर-उधर फेंक देते हैं यह अच्छी आदत नहीं है घर में अव्यवस्थित ढंग से रखे हुए जूते-चप्पलों से शत्रु भय बढ़ता है इस आदत से मान-सम्मान में भी कमी आती है!

◆चीखकर बात करना जोर>जोर से बात करना भी एक बुरी आदत है इस तरह बात करने से शनि देव नाराज हो जाते हैं इसलिए जो व्यक्ति चीख-चीखकर बात करता है उसे शनि के दोष का सामना करना पड़ता है!

◆देर से सोना शास्त्रों के अनुसार देर रात तक जागना अच्छी आदत नहीं है यदि कोई व्यक्ति बिना वजह ही देर रात तक जागता है तो चंद्र ग्रह अशुभ फल प्रदान करता है ऐसे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है| देर रात तक जागने से मानसिक तनाव भी बढ़ता है!

◆वृद्धजनों का अपमान करना वृद्धजनों का अपमान करने से घर की बरकत खत्म हो जाती है जिन घरों में वृद्धजन खुश रहते हैं, वहां सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है इसलिए कभी बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए उनके मान-सम्मान का हमेशा ख्याल रखना चाहिए!

◆इधर-उधर थूकने की आदत शास्त्रों में इधर-उधर थूकने की आदत को बहुत अशुभ फल देने वाली आदत माना गया है इस आदत के कारण समाज में मिलने वाला मान सम्मान भी खत्म हो जाता है और आप महालक्ष्मी की कृपा से भी वंचित रह सकते हैं!

◆पैरों की सफाई न करना कई लोग केवल चेहरे की सफाई पर ध्यान देते हैं लेकिन पैरों की सफाई को नजरअंदाज कर देते हैं पैरों की सफाई पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए यदि पैर गंदे रहेंगे तो दूसरों के सामने हमारा मान-सम्मान घट सकता है!

◆रसोई अव्यवस्थित रखना रसोई अव्यवस्थित रखने से मंगल ग्रह के दोष बढ़ते हैं|रात को सोने से पहले जूंठे बर्तन अवश्य साफ करें रसोई घर साफ रखने से सभी देवी>देवताओं की कृपा बनी रहती है!

(पुरा पड़े)

◆हर घर में रसोईघर का बहुत ही प्रमुख स्थान है जहाँ सम्पूर्ण परिवार के लिए भोजन तैयार होता है प्राचीन काल में खाना बनाना, बर्तन धोने जैसी प्रक्रिया भवन के बाहर की जाती थी परन्तु आज कल के समय में इन प्रक्रियाओं को भवन के अंदर एक स्थान पर किया जाता है जिसको रसोईघर कहा जाता है घर की शांति के लिए और सदस्यों के पौष्टिक आहार के लिए वास्तु के अनुसार रसोईघर के लिए कुछ सिद्धांत बनाये गए है जिसको अपनाने से आपको निष्ट्य ही लाभ की प्राप्ति होगी| निम्न लिखित चीज़ो का ध्यान दे!

◆दक्षिण-पूर्व दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार भवन में रसोईघर का निर्माण दक्षिण पूर्व दिशा में होना चाहिए, जो की हमे लाभ की प्राप्ति कराएगा यदि किसी कारणवश ऐसा संभव न हो तो एक विकल्प यह है की रसोईघर का निर्माण पश्तिम दिशा में करना चाहिए!

◆प्रवेश द्वार रसोईघर का प्रवेशद्वार दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए पूर्व ईशान (उत्तर-पूर्व दिशा) और उत्तर की तरफ प्रवेशद्वार होना उचित है!

चूल्हे की दिशा रसोईघर में चूल्हे का अधिक महतवपूर्ण स्थान है, वास्तु-शास्त्र के अनुसार चूल्हा दक्षिण पूर्व दिशा में होना चाहिए उत्तर दिशा में चूल्हा रखने से जीवन के हर मोड़ पर असफलता प्राप्त होती है, राजा भी रंक बन सकता है और चूल्हे को दीवार से 2-3 इंच की दुरी पर रखना चाहिए!

◆होदी और नल चूल्हे से दूर बनवाये रसोईघर में होदी और नल की दिशा उत्तर-पूर्व होनी चाहिए और चूल्हे से दूर होना बेहतर रहेगा क्युकी पानी और अग्नि दोनों विपरीत तत्व है, जो की हमें नुकसान पहुंचा सकते है!

◆फ्रिज का स्थान अगर रसोईघर में फ्रिज के स्थान की बात आती है तो दक्षिणी-पश्तिम दिशा उत्तम रहेगी और ध्यान रखे की रसोईघर के कोने से थोड़ी दुरी पर ही फ्रिज को रखें!

◆रसोईघर की  खिड़कियाँ और एग्जॉस्ट फैन रसोईघर में एक से दो खिड़कियाँ होनी अनिवार्य है और हवा भर फेंकने वाला पंखा एग्जॉस्ट फैन भी होना जरुरी होता है और यह पूर्व या उत्तर दिशा में होना बेहतर रहेगा!

◆एलेक्ट्रोनिक् उपकरण आज कल तकनीक का विकास और उपयोग बढ़ता जा रहा है, रसोईघर में एलेक्ट्रॉनिकल उपकरण का प्रयोग भी बढ़ गया है जैसे की टोस्टर, माइक्रोवेव,मिक्सी और आटा चक्की आदि; वास्तु के अनुसार इनकी दिशा दक्षिण और दक्षिणी-पूर्व होनी चाहिए!

◆रसोईघर में पूजा स्थल न हो रसोईघर में पूजा घर या मंदिर ना हो इस बात का जरूर ध्यान रखे क्युकी ऐसा करने से देवता नाराज़ हो जाते है जिसका परिणाम घर के सदस्यो को भुक्तना पड़ता है उन्हें रोग और अन्य बिमारियों का सामना करना पड़ता है!

◆भोजन करने की व्यवस्था "अगर भोजन करने की व्यवस्था रसोईघर में हो तो ध्यान रखें की यह पश्तिम दिशा में होनी चाहिए और भोजन बनाने वाली महिला को रसोईघर में भोजन नहीं करना चाहिए ऐसा करने से घर में दरिद्रता का वस् होता है!

◆भोजन बनाते समय ध्यान रहे की पहली 3 रोटियाँ गाय, चिड़ियों और कुत्ते के लिए निकालनी चाहिए, इसके बाद घर के सदस्यों के लिए भोजन तैयार कीजिये!

(ऊपर समझाए गए कुछ वास्तु शास्त्र के सिद्धांत है जोकि लागु करना थोड़ा मुश्किल है परन्तु इसको करने से हमारे घर में सुख शांति का वास होता है और सुख ही सुख मीलता है)!

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