प्र●1● ज्यादा पैसा चाहिए या ज्यादा समझ!
21,june,2018
◆ ज्यादा पैसे कमाने से समस्या सुलझ जाती है क्या यह वाक्य सही है या यह केवल एक मान्यता है ₹600 कमाने वाला इंसान सोचता है कि यदि में ₹800 कमाओ तो मेरे पैसे की समस्या सुलझ जाएगी जो ₹800 कमा रहा है वह ₹1000 कमाने वाला यही सोचता है कि ₹8000 कमाकर में हर परेशानी से मुक्त हो जाऊंगा क्या ₹8000 कमाने वाला इंसान हर परेशानी से मुक्त है ₹8000 कमाने वाला भी यह सोच रहा होता है कि यदि मैं ₹10000 कमाओ तो मेरी पैसे की समस्या सुलझ जाएगी इसका अर्थ समस्या धन से नहीं बल्कि समस्या सुलझ दी है!
◆ एक साधु ने एक निर्धन इंसान को 1 महीने के लिए ऐसी पारस मणि दी जो लोहे को भी सोना बना दे वह इंसान सोना बनाने की चाहत में लोहा खरीदने बाजार गया लेकिन देखा कि लोहे का दाम उस दिन से ₹2 बढ़ गया पूछने पर उसे पता चला कि कुछ दिनों बाद दाम कम हो सकता है अब वह लोहे का दाम गिरने का इंतजार करने लगा लेकिन दाम नहीं गिरा 1 महीने के बाद जब वह साधु अपना पारस मणि वापस लेने आया तब से उसे अपनी मूर्खता का एहसास हुआ कि लोहा कितना भी मांगा हो जाए सोने की बराबरी नहीं कर सकता लोहा मांगा मांगा खरीद कर भी उसे सोना बना कर वह घर में नहीं रहता लेकिन यह बात पहले उसने समझ में नहीं आई जो इंसान सत्य की राह पर चलता है उसे पैसे के प्रति समझ होनी बहुत आवश्यक है वरना उसका पूरा समय बाहर की बातें समझाने में चला जाता है और वह सत्य की राह पर चल नहीं पाता कई लोग पैसे कमाने में लग जाए तो वह जीवन भर पैसे ही कमाते हैं वह वापस सत्य की राह पर लौटते ही नहीं उन्होंने जितना भी धन कमाया उससे उन्हें कभी भी संतुष्टि महसूस नहीं होती एक और कमाने के लिए जिंदगी भर दो रहते हैं उन्हें कभी नहीं लगा कि उन्होंने भरपूर पैसा कमाया है और अब असली लक्ष्य के लिए काम कर सकते हैं उनके पास उपलब्ध पैसे उन्हें हमेशा कम ही लगते हैं उनके पास भरपूर पैसे होने के बावजूद भी अभाव की ऊना में ही जीते हैं इंसान नासमझी में बहुत पैसा कमाता है लेकिन फिर भी वह हमेशा पैसे की कमी महसूस करता है ज्यादा पैसे कमाने से कोई अमीर नहीं बनता इंसान अमीर बनता है जरा फिर समझ प्राप्त करके कि समझने कि आपकी पैसे की समस्या का बीच नष्ट हो जाता है विष्णु होते ही जीवन में पैसे का भाव खत्म होता है लोग इसी भ्रम में जीते हैं कि ज्यादा पैसा कमाना ही पैसे की समस्या सुलझाना है ऐसे कई लोग देखे गए हैं जो बहुत ज्यादा कमाते हैं लेकिन फिर भी पैसे की समस्या हरदम उनके साथ लगी रहती है अगर ज्यादा पैसा कमाने में समाधान मिलता है तो वह आज ज्यादा खुश होते लेकिन ऐसा उनके साथ नहीं है पैसे की समझ पैसे का उपयोग निवेश संवर्धन खर्च बचत गलत मान्यता अच्छी आदतों का महत्व इत्यादि हमें अमीर बनाती है इसलिए इस समझदारी को पाने के लिए पहले खर्च करें थोड़े पैसे इस बात पर खर्च करने में लगाना अच्छा है कि हम बाकी पैसों को इस्तेमाल कैसे करें गलत जगह पर खर्च कहने की आदत पैसे को टिकने में मदद नहीं करती पैसा कमा कर भी वह टिकता नहीं क्योंकि शरीर को कुछ गलत आदतें लगी है इन आदतों को तोड़कर यदि पैसा इस्तेमाल किया जाए तो पैसा वरदान बनेगा लापरवाही से पैसे खर्च करना जहाज में बने छोटे छेद के बराबर है जो जहाज को डुबो सकता है छोटे खर्च जीवन के जांच में बने छोटे शब्दों के प्रति सदा सजग रहे नीचे दी गई आदतों से बचे!
पहला और आखरी कारण.!
◆ जो इंसान किस्मत की पूजा करने की आदत रखता है उसके साथ यह दो बातें होती है एक इंसान अपना धन फिजूल खर्च करके उड़ा देता है या दूसरा कंजूस बन कर सांप की तरह धन पर कुंडली मारकर बैठा रहता है जो इंसान मेहनत की पूजा करने की आदत रखता है उसके साथ यह दो बात होती है एक वह सदा आत्म निर्भर रहता है दूसरा वह हमेशा स्वस्थ रहता है पहले और दूसरे इंसान के जीवन में फर्क साफ दिखाई देता है इसलिए मेहनत करने से जीना चुराए तथा भाग्यवादी बनकर ज्योतिषियों और लाटरी का टिकट ढूंढने में समय ना गवाएं लॉटरी लगने से इंसान को फिजूल खर्च करने की आदत पड़ जाती है कुछ समय बाद उसका सारा पैसा तो खर्च हो जाता है मगर उसकी इच्छाओं की भूख कभी नहीं मिटती इंसान को भूख लगी हो तो खाना ना मिले तो उसका हाल बेहाल हो जाता है इच्छाओं की इच्छा यानी इच्छाओं की आदत यही तो दुख का कारण बनती है पैसा खत्म होने पर वह इंसान इच्छाओं की भूख मिटा नहीं पाता फिर भी उसके अंदर इच्छाएं जब्ती रहती है उसे सताती रहती है इस तरह उसका जीवन उसके लिए बहुत बड़ा नर्क बन जाता है लॉटरी मिलने से पैसे की समस्या नहीं सुलझ थी क्योंकि इंसान लाटरी लगने से पैसा कमाने की योग्यता पर काम ही नहीं करता वह अयोग्य रह जाता है उसका विश्वास अपने आप से उठ कर पैसे कमाने के आसान तरीके पर चला जाता है वह पैसे गुलाम बन जाता है मुफ्त में मिला धन अयोग्यता बढ़ाता है या इच्छाओं की भूख व फिजूलखर्ची करने की आदत बढ़ाता है इसलिए पैसा कमाने की योग्यता बढ़ाएं आत्मविश्वास प्राप्त करें!
सुस्ती--सुस्ती के कारण कल करेंगे कल करेंगे की आदत ही वजह से मिलने वाला धन भी रुक जाता है पैसा जमा करने के लिए बैंक जाने की आनाकानी की वजह से उस पर मिलने वाला ब्याज इंसान को नहीं मिलता आने वाला पैसा भी रुक जाता है सुस्त इंसान को कंजूस या कंगाल बनाती है दोनों अखियां इंसान के लिए घातक है!
गलत आदतें-- नीचे दी गई आदतों को प्रकाश में लाएँ!
★ दूसरों से उधार मांगने वह दूसरों को बिना सोचे समझे उधार देने की आदत!
★ किसी को भी नहीं न करने की आदत!
★ खरीददारी करते वक्त भाव तोल करने में शर्म महसूस करने की आदत कि मैं यहां पर पैसे कैसे कमा करवा सकता हूं लोग क्या कहेंगे यह सोचने की वजह से हर बार ज्यादा पैसा देकर चीजें खरीदने की आदत!
★ जो भी पैसे मांगे उसे देते रहना बिना यह जाने की वाकई की उसे जरूरत है या नहीं!
★ बच्चा ना कर पाना फिजूल खर्चे करना!
★ कर्जदारों की संख्या बढ़ाते रहना!
★ पैसे कमाने के आसान तरीकों लॉटरी जुआ इत्यादि पर सोचते रहने की आदत!
समझ-- पैसे के बारे में सही समझना रखने से जो इस पुस्तक में दी गई है पैसे की समस्या कभी खत्म नहीं होती उदाहरण पैसे को हम इस्तेमाल करें ना कि पैसा हमें इस्तेमाल करें पैसा इंसान की अभिव्यक्ति के लिए निर्माण हुआ है ना की इंसान पैसे की महिमा बढ़ाने के लिए पैदा हुआ है पैसा रास्ता है मंजिल नहीं सब कुछ भरपूर है इसलिए पैसे के प्रति आदर हो, व्देष,ईष्या न हो यदि किसी ने इस फार्मूला लापरवाही सुस्ती गलत आदतें समझ पैसे की समस्या से मुक्ति पाई तो उसके पैसे की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी जो लोग व्यसन मुक्त हो जाते हैं लापरवाही से मुक्त होकर ऊपर उठते हैं अपनी सुस्ती पर काम करते हैं तमोगुण मिटाने लगते हैं और पैसे की समझ बढ़ाते हैं उनकी पैसे की समस्या सुलझ जाती है वरना लोगों के साथ पैसे की समस्या जिंदगी भर रहती है आपके साथ यह समस्या ना हो उसके लिए अपने पैसे के 10 हिस्से बनाकर एक हिस्सा बाजू में रखें उससे के लिए पैसा समझे जैसे यह पेशाब पता ही नहीं वरना लोग पहले बचत करते हैं और फिर बचत के पैसे पार्टी में उड़ा देते हैं इस तरह फिजूल खर्च हुए पूरा पैसा गवा देते हैं कुछ लोग बचत की शुरूआत पार्टी होनी चाहिए यह लाना चाहिए वह लाना चाहिए ऐसी पार्टियों में भी लोग अपनी पूरी बचत खर्च कर देते हैं उन्होंने काफी समय से चीन पैसों की बचत की थी जो पैसे बैंक में रखे थे उनसे मिले हुए प्याज के पैसे से पार्टी करते हैं और फिर से अपनी पुरानी अवस्था और समृद्धि में आ जाते हैं लोगों को पता नहीं है कि समुद्री तट का खजाना कैसे खोजा जाता है कैसे खोला जाता है सिर्फ कुछ गलत आदतों की वजह से और पैसे की समझ ना होने की वजह से आपके पास समुद्री का खजाना बनता ही नहीं है यह समुद्री का खजाना कुछ आदतें डालकर ही बनाया जा सकता है आगे इन बातों पर विस्तार से समझ दी गई है इस अध्याय की शुरूआत में दी गई पारस मिलने पर भी इंसान करीब रहा कारण व समझ से वंचित था कहीं हम भी मूर्खता तो नहीं कर रहे हैं मौत का साधु किसी पर भी आ सकता है और यह पारस जीवन ले जा सकता है इसलिए इस पारस का सही इस्तेमाल करें आप जो देते हैं उसी से विकास होता है और जो लेते हैं उसी से मात्र गुजारा होता है!
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