प्र●1●जीवन का हर छोटा कार्य सफलता की तरफ उठा हुआ छोटा कदम होता है इसलिए अपने छोटे छोटे कार्यों को रुचि से ना देखें अपनी हर क्रिया में रूचि राय अपने हर करम का मेल अपने लक्ष्य के साथ बिताने की योजना बनाएं.!
30,June,2018
◆ 1927 में मिस्टर लिंडबग मैं एक बहुत बड़ा काम कर दिखाया जब उन्होंने न्यूयॉर्क से पेरिस तक की 3600 मील लंबी हवाई यात्रा साढे तैं तीस घंटे में पूरी करके इतिहास रच दी सिर्फ चार सैंडविच दो बोतल पानी के साथ यात्रा करते हुए जब लिंडबग 21 मई की रात को 10 बजे पेरिस पहुंचे तो एक लाख लोग उनका स्वागत करने के लिए इंतजार कर रहे थे 1926 में लीड वर्ग अमेरिका के मेल पायलट थे जो हवाई जहाज में डाक एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते थे उन्होंने एक बार यह खबर सुनी कि जो पायलट न्यू ईयर से पेरिस की हवाई यात्रा बिना कहीं रुके पूरी करेगा उसे $25 का वोटिंग पुरस्कार दिया जाएगा लीड वर्ग ने निश्चित किया कि वह यह काम दिखाएंगे वह इस दिशा में तुरंत ही सनकी हो गए वह तैयारी करने लगे उन्होंने सबसे पहले तो कार्य की कठिनाई का आकलन किया काम मुश्किल था और इस प्रयास में 6 लोगों की जान पहले ही जा चुकी थी उनमें से अधिकांश की मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि उनके विमान का भार ज्यादा था और उसमें दो पायलट बैठे थे इस समस्या से बचने के लिए लेट बकने वाले विमान को बनवाने का निश्चय किया जिसमें केवल एक इंजन और एक पायलट हो विमान सेंन डिएगो में बन रहा था कई बार उनका मित्र सैम्युअल्स दोनों दोस्तों रात को एक छोटे होटल में ठहरने थे एक बार आधी रात के बाद नींद खुली उसने देखा कि लेट वर्ग खिड़की के पास बैठकर तारों को निहार रहे थे उनके दोस्त ने पूछा तुम आधी रात को वहां बैठ कर क्या कर रहे हो वर्कर ने जवाब दीया अभ्यास कर रहा हूं इस पर उसके दोस्तों ने हैरानी से पूछा किस चीज का अभ्यास कर रहे हो मैं रात भर जागने का किसी भी क्षेत्र में सफलता तभी मिलती है जब मनुष्य उसके लिए पूरी तैयारी करें चाल से लेट वर्ग ने उस ऐतिहासिक कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पूरी तैयारी की थी उन्होंने कम बाहर वाला विशेष विमान बनाया था की घटनाएं किया कृष्णा कम रहे यही नहीं उन्होंने छोटी-छोटी बातों पर भी पूरा ध्यान दिया अगर आप सफलता पाना चाहते हैं तो आपको उसकी तैयारी करनी होगी ध्यान रहे हमें पहले छोटी-छोटी बातों की तैयारी करनी चाहिए और बाद में यह काम हमारे लिए आसान बन जाए इंसान को स्वभाव होता है कि वह आसान कार्य करने के लिए प्रेरित होता है मुश्किल कार्य के लिए सत्ता से प्रेरित नहीं होता हम उन कार्यों का करना अधिक पसंद करते हैं जो आसान दिखते हैं इसलिए अपने सामने आने वाली किसी भी मुश्किल कार्य को आसान शो में बांटने की क्लासिक App अक्षय को देखा पाते हैं तो वह कठिन नहीं बल्कि आसान है तब ही कार्य करने की प्रेरित मिलती है जब कार्य कठिन दिखता है तब हम उससे बचना चाहते हैं एक इंसान निश्चित करने के बाद भी रोज व्यायाम नहीं कर पाता क्योंकि यह कार्य मुश्किल लगता है लेकिन मनन करने के बाद उसे व्यायाम करना इतना आसान लगेगा कि आने वाले साल शुरु होने से पहले ही वह व्यायाम करना शुरु कर देगा प्रेरणा के सब में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि हम कर्म या किया से इसका गहरा संबंध होता है जब आपके सामने कोई बड़ा काम होता है तो मन बहाने बनाने लगता है लेकिन जब आप डस्ट निश्चित और अनुशासन का परिचय देते हुए काम की शुरुआत करते हैं तो कुछ समय बाद में उस कार्य में दिलचस्पी रखता है और प्रेरणा स्वस्थ ही जागृत हो जाती है हम यही सोचते हैं कि प्रेरणा की वजह से कार्य होते हैं हम यह समझ ही नहीं पाते कि यह दूसरी तरफ से भी उतना ही सही है कार्य करने की वजह से भी प्रेरणा मिलती है हमें किसी बात को दूसरी तरह का है महान कंपोजर प्रेरित होने के कारण काम करने नहीं देता वह तो तेरी थी इसलिए होता है क्योंकि वह काम कर रहा होता है बड़े-बड़े संगीतकार हर दिन अपना काम करने उतनी ही नियमितता से बैठते जितने नेता से कोई अकाउंटेंट हर दिन हिसाब किताब मिलाने के लिए बैठता है प्रेरणा का इंतजार करने में उन्होंने अपना समय बर्बाद नहीं किया जैसे एक इंसान पुस्तक लिख रहा है लेकिन उसके पास रहना का अभाव है वह इस बात से घबरा जाता है कि वह 300पन्ने कैसे लिखेगा उसे इस कार्य को सरल बनाना आना चाहिए ऐसी स्थिति में जब वह मनन करेगा तो उसे पता चलेगा कि उसे हर दिन सिर्फ एक पन्ना ही लिखना है मनन द्वारा जब समय और पुस्तक के आकार के गन्ना करेगा तब उसे पता चलेगा कि हर रोज सिर्फ एक पन्ना लिखने से 10 महीने में पूरी पुस्तक लिखी जा सकती है अगर हम मनन करके काम को आसान बनाएं दो तो 10 महीने तो क्या 10 साल तक इस काम को डालता रहेगा और अंत में इस बात पर अफसोस करेगा कि आपने यह काम क्यों नहीं किया मनन के दौरान वह तय करेगा कि किस समय पर लिखने के लिए बैठा जाए और बैठने से पहले उसे दो लोगों से बातचीत करनी चाहिए लिखने के लिए बैठने से पहले वह कुछ सवाल बनाएगा और उन सवालों पर सब Action करेगा उस क्षण क्षण में जो बातें सामने आई कि वह बातें उसे पेपर पर उतारे इस मनन के बाद उसे उसका कार्य बहुत छोटा लगेगा और वही से करने के लिए प्रेरित हो जाए अब उसके दिमाग में पुस्तक लिखने का तनाव नहीं होगा अगर उस इंसान का कार्य अपना सहज होगा तो उसे पुस्तक लिखने के लिए किसी खास पता करने की आवश्यकता नहीं होगी इतनी सजा कार्य पूरा होने के लिए लेखक को सोए से सवाल पूछने की आदत डालनी होने की है मुझे यह कार्य करना है यह कार्य में कैसे करूं मुझे पुस्तक लिखनी है वह मैं कैसे लिख पाऊंगा एक दिन में पुस्तक का कितना हिस्सा लिखा जा सकता है एक दिन में कम से कम कितना कार्य हो सकता है मुझे कौन सी बातें लिखनी है यह सारी बातें एक ठंडी करने के बाद तक का रूट कैसे होगा उसका डोसा कैसे बनेगा इन सवालों पर मनन करने के बाद हर महीने के अंत में वह अपना कार्य पूर्ण करेगा और पुस्तक को आ कर देना शुरु कर देगा अगर हर दिन कार्य करते हुए भी उसे कोई आकार दिखाई नहीं दिया तो भी वह हर रोज एक पन्ने पर कार्य करता रहे ए गा यह सारी बातें तभी हो जाएगी जब उसका मन स्पष्ट रूप से होगा मनन के बाद उसे यह महसूस होगा की पुस्तक बन गई है यह कितना आसान है इसी बात को एक ही उदाहरण से जानते हैं किसी इंसान को व्यायाम के दौरान 10 किलो वजन दो पल के लिए उठाना है वजन उठाने के लिए वह कई बार सोचता है लेकिन उस से वजन उठता नहीं है उसे याद नहीं आता फिर वह अपने घर के दरवाजे के बाजू में ही एक जगह बनाता है और उसमें 10 किलो का वजन रख देता है वजन रखने के बाद वह सोएगा आदत डाल देता है कि जेल जाने से पहले उसे वजन उठाना है और फिर बैंक जानी है जब तक दरवाजे खुले तब तक वजन उठाने का व्यायाम करते रहना है श्याम के बातों से वजन उठाना इतना आसान होगा तो ही हो जाएगा अगर आपको लगता है कि आप का आध्यात्मिक विकास ध्यान नहीं हो रहा है तो उस कार्य को इतने छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर ध्यान करना आपको बहुत आसान लगे यह कार्य करने के लिए अगर अपने सिर्फ 2 मिनट का समय रखा तो आप आसानी से वह कार्य 2 मिनट तक कर पाएंगे किसी इंसान के मन में यह आ सकती है कि मनन करने के बाद कार्य शुरु हो जाएगा लेकिन कुछ दिन कार्य करने के बाद उसे आलस आने की संभावना है अगर आपको लगता है कि आपके साथ ऐसा होने की आकाश सहित है तो आप जो कार्य करना चाहते हैं उसे इतने छोटे हिस्सों में विभाजित करें कि आलस आने की संभावना ही ना बचे आपको जो कार्य करना है उसके लिए इतना छोटा समय तय करें कि हर दिन आप बहुत आसानी से वह समस्या देश जाए जब आप निरंतर सेवा छोटा समय देंगे तब आगे किसी कार्य के लिए ज्यादा समय देना आपको बहुत आसान लगेगा जैसे आपके पास किसी मोटे धागे का एक पतला सिरा है जब आपको वह पतला सिरा मिल जाता है तो आप उसे खींचते खींचते आगे बढ़ते हैं क्योंकि उसी पतले धागे के सिरे पर मोटापा का बंधा हुआ है आप बतलाता का खींचकर सीख गए तो मोटा ताजा उसके पीछे पीछे आ ही जाएगा आप यह जानते नहीं कि मोटे धागे के आगे सुतली बंधी हुई है उस सुतली के आगे रस्सी बंधी हुई है और उस रस्सी के आगे रास्ता बंद हुआ है जब आप उसे भी खींचते जाएंगे तब पता चलेगा कि इस रहस्य के आगे लोहे की जंजीर लगी हुई है इस तरह आप जितना करते हैं उतनी नई-नई चीजें आपके सामने आएगी यह सारी बातें दिखाई देने का रहस्य है कि आप को पतला ताजा खींचना शुरु कर देना है यदि आपको कोई चीज ऊंची दीवार के ऊपर तक पहुंचानी है तो आप चलते धागे को किसी तिलचट्टे का कोच से बांधकर दीवार पर छोड़ सकते हैं जिसे आप वह चीज पहुंचाना चाहते हैं उसे पतला ताजा खींचने हुए वह चीज आसानी से मिल जाती है शुरुआत का ताका इतना पढ़ा होगा की दिलचस्पी आसानी से किस पाएगा वह अपनी इच्छा से आगे चला जाएगा तो उसके साथ पतला तागा मोटापा का रस्सी रस्सी यह सभी किसने लगेगा केवल उस पतले धागे के खिंचने से कई बातें हो जाएगी और वह आपके लिए बड़ी प्रेरणा साबित होगी इस उदाहरण से समझा कि बड़े कार्यो की शुरुआत छोटे और आसान कदमों से ही हो सकती है छोटे कदमों द्वारा आपको धीरे-धीरे बड़ा परिवर्तन दिखाई देने लगेगा जो की शुरुआत में शायद आपको असंभव लग रहा हो इस समस्या का समाधान करने के लिए आपको बहुत छोटी छोटी शुरुआत के साथ सुबह से कार्य करना होगा एक बार छोटी शुरुआत से आदत पड़ गई तो आगे आप बड़े कार्य भी आसानी से कर पाएंगे जैसा आप जानते हैं हजार मिल लंबी यात्रा भी एक कदम से शुरू होती है
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