भूतों का राज कुलधारा गांव में आज भी है!

प्र●1●एक श्राप ने बदल दी कुलधरा की तकदीर पूरा पड़े !
28,may,2018

【भटकती आत्माएं भूतो का घर】
◆भारत की पारंपरिक जमीन में कई ऐसे राज दफ्न हैं जो कई वर्षों या कहें सदियों बाद आज भी उसी तरह ताजा और अनसुलझे हैं जितने पहले कभी हुआ करते थे। ये रहस्य कुछ ऐसे हैं जिन्हें जितना सुलझाने की कोशिश होती है ये उतने ही उलझते जाते हैं। ऐसा ही एक राज दफ्न है राजस्थान के एक छोटे से गांव कुलधरा के भीतर। कोई कहता है कि कुलधरा की भूमि पर सैकड़ों वर्षों से भटकती आत्माओं का पहरा है तो कोई यह मानता है एक श्राप ने इस स्थान की तकदीर बदल दी!

【रईस ब्राह्मण】
◆जैसलमेर से करीब 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित है कुलधरा नाम का एक छोटा सा गांव> कहते हैं सन 1291 के आसपास रईस और मेहनती पालीवाल ब्राह्मणों ने 600 घरों वाले इस गांव को बसाया था यह भी माना जाता है कि कुलधरा के आसपास 84 गांव थे और इन सभी में पालीवाल ब्राह्मण ही रहा करते थे!

【कुलधरा के मकान】
◆ये ब्राह्मण ना सिर्फ मेहनती बल्कि वैज्ञानिक तौर पर भी सशक्त थे क्योंकि कुलधरा के अवशेषों से यह स्पष्ट अंकित होता है कि कुलधरा के मकानों को वैज्ञानिक आधार से बनाया गया था!

【पालीवाल ब्राह्मण】
◆पालीवाल ब्राह्मणों का समुदाय सामान्यत> खेती और मवेशी पालन पर निर्भर रहता था जिप्संम की परत बारिश के पानी को भूमि में अवशोषित होने से रोकती और इसी पानी से पालीवाल ब्राह्मण अपने खेतों को सींचते थे!

【रहस्यमय दास्तां】
◆लेकिन ऐसा क्या हुआ जो हंसते-खेलते 84 गांव के लोग अचानक बस एक ही रात में अपना घर, मकान, खेती, सब कुछ छोड़कर जाने के लिए मजबूर हो गए इसी सवाल से जुड़ी है कुलधरा की रहस्यमय दास्तां जिसका संबंध कथित तौर पर श्राप और बुरी आत्माओं से है!

【दीवान की बुरी नजर】
◆आज के दौर में शायद किसी को किसी की परवाह नहीं, लेकिन जिस समय की बात हम यहां कर रहे हैं वो समय सिर्फ अपने नहीं बल्कि एक-दूसरे के बारे में सोचने का था खुशहाल जीवन जीने वाले पालीवाल ब्राह्मणों पर वहां के दीवान सालम सिंह की बुरी नजर पड़ गई सालम सिंह को एक ब्राह्मण लड़की पसंद आ गई और वह हर संभव कोशिश कर उसे पाने की कोशिश करने लगा!

【सालम सिंह की धमकी】!

◆जब उसकी सारी कोशिशें नाकाम होने लगीं तब सालम सिंह ने गांव वालों को यह धमकी दी कि या तो पूर्णमासी तक वे उस लड़की को उसे सौंप दें या फिर वह स्वयं उसे उठाकर ले जाएगा!

【स्त्री का सम्मान】
◆गांव वालों के सामने एक लड़की के सम्मान को बचाने की चुनौती थी वह चाहते तो एक लड़की की आहुति देकर अपना घर बचाकर रख सकते थे लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना!

【कुलधरा की नियति】
◆एक रात 84 गांव के सभी ब्राह्मणों ने बैठकर एक निर्णय लिया कि वे रातों रात इस गांव को खाली कर देंगे लेकिन उस लड़की को कुछ नहीं होने देंगे बस एक ही रात में कुलधरा समेत आसपास के सभी गांव खाली हो गए जाते>जाते वे लोग इस गांव को श्राप दे गए कि इस स्थान पर कोई भी नहीं बस पाएगा, जो भी यहां आएगा वह बरबाद हो जाएगा!

【बरबादी की दास्तां】
◆कुलधरा की सुनसान और बंजर जमीन का पीछा वह श्राप आज तक कर रहा है तभी तो जिसने भी उन मकानों में रहने या उस स्थान पर बसने की हिम्मत की वह बर्बाद हो गया!

【क्रूर राजा】

◆इस स्थान से जुड़ी एक और कहानी मौजूद है जिसके अनुसार कुलधरा गांव को कुलधार ब्राह्मणों ने बसाया था लेकिन यहां का एक राजा इतना क्रूर था कि वह अपनी जनता को जीने की आजादी तक नहीं देता और मनमाफिक तरीके से उनका शोषण करता था वह उन्हें मारता-पीटता और अपने गुलामों की तरह रखता था!

【श्राप】

◆उसकी हरकतों से गांववाले बहुत परेशान थे सभी ने यह निश्चय किया कि वे उस गांव को छोड़कर चले जाएंगे जाते समय वे इस गांव को कभी ना मिटने वाला एक श्राप दे गए जो आज भी इस स्थान को बसने नहीं देता!

【भटकती रूहें】

◆यह गांव पूरी तरह उजड़ गया लेकिन उजड़ने के बाद भी यह एक अदद पर्यटक स्थल बना हुआ है लेकिन जो भी पर्यटक यहां आते हैं उन्हें यहां कुछ अजीबोगरीब अहसास होने लगते हैं किसी को आसपास चूड़ियों और महिलाओं के खिलखिलाने की आवाज आती है तो किसी को लगता है जैसे कोई उनके पास से गुजरा है!

【इतिहासकारों का मत】

◆इतिहासकारों के अनुसार पालीवाल ब्राह्मण बेहद अमीर थे, उनके पास सोने के बहुमूल्य आभूषण थे, जिन्हें वे जमीन में गाड़कर रखते थे इसी वजह से जब यह गांव खाली हुआ तब यहां सोने के लालच में कई लोग आए जिन्होंने इस स्थान की खूब खुदाई की और जो सोना था वो ले कर भाग गए!

【गायब हो जाते हैं लोग】

◆इस स्थान पर लगे श्राप की बात को मनगढ़ंत मानकर कई लोग यहां आए लेकिन जो भी यहां एक रात रुका वह कभी वापस नहीं जा पाया उसका नामोनिशान तक किसी को नहीं मिला कुलधरा से जुड़ी कहानियां भटकती आत्माओं के श्राप के बारे में बहुत कुछ कहती हैं लेकिन वास्तुशास्त्री इस विषय पर अपनी अलग ही राय रखते हैं!

【वर्षभर बारिश का प्रभाव】

◆वास्तुशास्त्र के ज्ञाताओं का कहना है कि कुलधरा के नैऋत्य कोण में पूरे साल बारिश होने की वजह से लगातार नमी रहती है और काई भी जमी हुई है, साथ ही कुलधरा का पूर्व आग्नेय बढ़ने से ईशान कोण घट गया है!

【नकारात्मक ऊर्जा】

वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसे स्थान जिनका नैऋत्य कोण नीचा, नमी से ओतप्रोत और पानी का जमाव रहता हो, काई जमी हो हुई हो, नैऋत्य कोण के दक्षिण या पश्चिम भाग में बढ़ाव हो जिस कारण यहां हवा का प्रवाह बाधित हो, ऐसे स्थान पर अत्याधिक नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है!

【बुरी आत्माओं का वहम】

◆नैऋत्य कोण के वास्तु दोषों के साथ यदि ईशान कोण में भी वास्तु दोष हो यानि ईशान कोण में भी कमी हो, जैसे की ईशान कोण का दबा, कटा या घटा होना इत्यादि तो नैऋत्य के इस वास्तुदोष में और ज्यादा वृद्धि होती है इन सभी कमियों की वजह से वहां उत्पन्न हुई नकारात्मक ऊर्जा को कभी-कभार भूत-प्रेत या बुरी आत्माओं का नाम दे दिया जाता है!

(ऐसे राज दफ्न है  और निचे पड़े!)

【कुलधरा के वीरान होने कि कहानी】
◆जो गाँव इतना विकसित था तो फिर क्या वजह रही कि वो गाँव रातों रात वीरान हो गया इसकी वजह था गाँव   का अय्याश दीवान सालम सिंह जिसकी गन्दी नज़र गाँव कि एक खूबसूरत लड़की पर पड़ गयी थी दीवान उस लड़की के पीछे इस कदर पागल था कि बस किसी तरह से उसे पा लेना चाहता था उसने इसके लिए ब्राह्मणों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई कि जब सत्ता के मद में चूर उस दीवान ने लड़की के घर संदेश भिजवाया कि यदि अगले पूर्णमासी तक उसे लड़की नहीं मिली तो वह गांव पर हमला करके लड़की को उठा ले जाएगा गांववालों के लिए यह मुश्किल की घड़ी थी उन्हें या तो गांव बचाना था या फिर अपनी बेटी इस विषय पर निर्णय लेने के लिए सभी 84 गांव वाले एक मंदिर पर इकट्ठा हो गए और पंचायतों ने फैसला किया कि कुछ भी हो जाए अपनी लड़की उस दीवान को नहीं देंगे!

◆फिर क्या था, गांव वालों ने गांव खाली करने का निर्णय कर लिया और रातोंरात सभी 84 गांव आंखों से ओझल हो गए जाते>जाते उन्होंने श्राप दिया कि आज के बाद इन घरों में कोई नहीं बस पाएगा। आज भी वहां की हालत वैसी ही है जैसी उस रात थी जब लोग इसे छोड़ कर गए थे!

【आज भी है श्राप का असर】

◆पालीवाल ब्राह्मणों के श्राप का असर यहां आज भी देखा जा सकता है जैसलमेर के स्थानीय निवासियों की मानें तो कुछ परिवारों ने इस जगह पर बसने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सके स्थानिय लोगों का तो यहां तक कहना है कि कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जो वहां गए जरूर लेकिन लौटकर नहीं आए उनका क्या हुआ, वे कहां गए कोई नहीं जानता!

【यहां के धरती में दबा है सोना इसलिए आते हैं पर्यटक】

◆पर्यटक यहां इस चाह में आते हैं कि उन्हें यहां दबा हुआ सोना मिल जाए इतिहासकारों के मुताबिक पालीवाल ब्राह्मणों ने अपनी संपत्ति जिसमें भारी मात्रा में सोना>चांदी और हीरे>जवाहरात थे, उसे जमीन के अंदर दबा रखा था यही वजह है कि जो कोई भी यहां आता है वह जगह>जगह खुदाई करने लग जाता है इस उम्मीद से कि शायद वह सोना उनके हाथ लग जाए यह गांव आज भी जगह-जगह से खुदा हुआ मिलता है!

【पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कि कुलधरा में पड़ताल 】

◆मई 2013 मे दिल्ली से आई भूत प्रेत व आत्माओं पर रिसर्च करने वाली पेरानार्मल सोसायटी की टीम ने कुलधरा गांव में बिताई रात टीम ने माना कि यहां कुछ न कुछ असामान्य जरूर है टीम के एक सदस्य ने बताया कि विजिट के दौरान रात में कई बार मैंने महसूस किया कि किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा> जब मुड़कर देखा तो वहां कोई नहीं था। पेरानॉर्मल सोसायटी के उपाध्यक्ष अंशुल शर्मा ने बताया था कि हमारे पास एक डिवाइस है जिसका नाम गोस्ट बॉक्स है इसके माध्यम से हम ऐसी जगहों पर रहने वाली आत्माओं से सवाल पूछते हैं कुलधरा में भी ऐसा ही किया जहां कुछ आवाजें आई तो कहीं असामान्य रूप से आत्माओं ने अपने नाम भी बताए शनिवार चार मई की रात्रि में जो टीम कुलधरा गई थी उनकी गाडिय़ों पर बच्चों के हाथ के निशान मिले टीम के सदस्य जब कुलधरा गांव में घूमकर वापस लौटे तो उनकी गाडिय़ों के कांच पर बच्चों के पंजे के निशान दिखाई दिए !

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