प्र◆1◆इस देश के लोग हैं नौकरी करते हुए सबसे अधिक संतुष्ट रहते है जने!
19 May 2018
दुनिया में सबसे ज्यादा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नौकरीपेशा लोग अपने काम से संतुष्ट हैं यह बात गैलप वर्ल्ड पोल द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आई है क्यो की दुनीया मे इस सप्ताह जारी सर्वेक्षण के नतीजों के अनुसार 128 देशों में कराए गए सर्वे में हर देश में 1,000 लोगों को शामिल किया गया जिनमें तीन देशों में सबसे ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरियों से संतुष्ट पाए गए. इनमें यूएई अव्वल स्थान पर है जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश>रूस और अमेरिका हैं और
यूएई में सबसे कम 31 फीसदी लोग पूर्णकालिक रोजगार की तलाश में पाए गए जबकि 58 फीसदी पूर्णकालिक रोजगार में नियोजित लोगों ने अपने काम को अच्छा बताया की इनमें से 12 फीसदी ने अपने काम को बेहतर बताया जाता है!
◆(खबरें काम की>अब गूगल पर खोजिए नौकरी मान पसद)
रूस में 51 फीसदी पूर्णकालिक रोजगार की तलाश में थे. 35 फीसदी के पास पूर्ण कालिक नौकरी थी और उन्होंने अपने काम को अच्छा बताया जबकि 13 फीसदी ने बेहतर बताया गया है.
◆अमेरिका में 56 फीसदी लोग पूर्णकालिक रोजगार की तलाश में थे और 32 फीसदी के पास पूर्ण कालिक रोजगार था जिन्होंने अपने काम को अच्छा बताया जबकि 13 फीसदी ने बेहतर बताया!
(प्लीज इसे पूरा पढ़ें इसमें अलग-अलग खबर है)
प्र◆2◆【मुंबई> महिला स्पेशल ट्रेन ने पूरा किया 26 साल का सफर】
19 May 2018
मुंबई में चर्चगेट और बोरीवली स्टेशनों के बीच शुरू हुई विश्व की पहली (महिला विशेष) ट्रेन ने आज 26 वर्ष का सफर पूरा कर लिया पश्चिम रेलवे ने 5 मई 1992 को इस उपनगरीय ट्रेन की शुरुआत की थी इन दो स्टेशनों के बीच चलने वाली यह ट्रेन केवल महिला सवारियां ले जाती थी शुरुआत में इसकी प्रतिदिन केवल दो सेवाएं थी जो अब बढ़कर प्रतिदिन आठ हो गई है चार सुबह और चार शाम महीला को सकून मीलता है
पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र भाकर ने कहा महिला यात्रियों के लिए पूरी ट्रेन समर्पित करने का यह कदम इतिहास के पन्नों में दर्ज है और पश्चिम रेलवे ने दूसरे रेल मंडलों के लिए इस मामले में एक नजीर पेश की है हतिहास के पनो की रोनक है.।
◆(सस्ता हुआ इन ट्रेनों का किराया महीला के पैसे बच्चे)
उन्होंने कहा> कई वर्षों तक एक पूरी ट्रेन महिला यात्रियों के लिए चलाना एक मील के पत्थर से कम नहीं है और इसने यकीनन करीब 10 लाख से अधिक मुंबई की महिलाओं को उनके घर से कार्यस्थल तक सुरक्षित जाने में मदद की और पश्चिम रेलवे की ओर से जारी बयान के अनुसार पहली महिला विशेष ट्रेन की शुरुआत चर्चगेट से बोरीवली के बीच की गई थी जिसे बाद में वर्ष 1993 में विरार तक बढ़ा दिया गया था!
भाकर के मुताबिक,/, ट्रेन रोजाना लाखों महिलाओं को उनके गंतव्य तक पहुंचने में मदद कर रही है जो की विश्व में किसी भी उपनगरीय परिवहन प्रणाली के लिए एक मील का पत्थर है!
( प्लीज पूरा पढ़ें इसमें अलग-अलग खबरें है.।)
प्र◆3◆【अनूठे उपकरण से तैयार हो सकता है रेगिस्तानी हवा से पानी निकलने की सक्षम】
19 May 2018
बोस्टन में वैज्ञानिकों ने रेगिस्तानी हवा से भी पेयजल निकालने में सक्षम एक उपकरण विकसित किया है. इस अध्ययन में भारतीय मूल का एक वैज्ञानिक भी शामिल है पृथ्वी के सबसे बंजर इलाकों में भी कुछ आर्द्रता होती है और वैसी नमी को निकालने के व्यवहारिक तरीके को प्राप्त किये जाने से ऐसे क्षेत्रों में जीवन की राह थोड़ी आसान हो सकती है!
◆अमेरिका के मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) के अनुसंधानकर्ताओं ने अब साबित कर दिया है कि इस तरह की निष्कर्षण प्रणाली कारगर साबित हो सकती है अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि टेम्पे और एरिजोना की बेहद शुष्क हवा में इस उपकरण का परीक्षण किया गया जो नयी प्रक्रिया के संभव बनाने की पुष्टि करता है
◆उन्होंने बताया कि मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (एमओएफ) के जरिये महज दस फीसदी आर्द्रता वाली रेगिस्तानी और बेहद शुष्क हवा से भी जल का निष्कर्षण किया जा सकता है नेचर कम्युनिकेशन्स जर्नल में नयी प्रणाली की चर्चा की गई है जीसे जल निष्कषण है!
◆{ये भी पढ़ें-> भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया पानी जांचने का उपकरण ताकि कैंसर से मनुष्य बच सकें }
◆हाल ही में भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के इंदौर स्थित एक प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान ने पानी में यूरेनियम के अंशों का स्तर पता लगाने के लिये 15 साल की रिसर्च के बाद एक विशेष उपकरण विकसित किया की इस उपकरण का नाम (लेजर फ्लोरीमीटर) है इस उपकरण की खासियत है कि ये पंजाब समेत देश के उन सभी राज्यों के बाशिंदे कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के खतरे से बच सकते हैं जहां जल स्त्रोतों में यूरेनियम के अंश घातक स्तर पर पाये जाते हैं.।
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