गीगो सिध्दांत.।

कंप्यूटर का एक सिद्धांत है कि को जो बिल्कुल सही है अपने अंदर गलत डालिए गलत बाहर आएगा सही डालिए सही बाहर आएगा अच्छा डालिए अच्छा बाहर आएगा हम इतना डालते हैं उतना ही निकालते हैं हमारा अवचेतन मन भेदभाव नहीं करता हम जो कुछ भी अपने अवचेतन मन में डालेंगे वह उसे स्वीकार कर लेगा वही बात हमारे व्यवहार में उतरेगी टेलीविजन का हमारे नैतिक मूल्यों सोचने के ढंग और संस्कृति काफी हद तक अच्छा या बुरा असर पड़ता है टेलीविजन ने जहां हमें बहुत ही अच्छी और फायदेमंद सूचनाएं दिए वही हम हमारी रुचियों में घटियापन लाया है इसने हमारी नैतिक को नष्ट और भ्रष्ट किया है बच्चों में अपराध की प्रकृति को बढ़ाया है यह तो बोलने की आजादी या टेलीविजन की आजादी के लिए एक बहुत बड़ी कीमत है 18 साल की उम्र तक बच्चे लगभग 200साल के सीन टेलीविजन पर देख चुके होते हैं क्या यह टेलीविजन ने किया है या जैसे प्रोग्राम हम देखते को चुनौती है उन्होंने अब रिमोट कंट्रोल तो आपके हाथ में और साथ ही फैसला भी इसी तरह निकालने वाले अपने दर्शकों को प्रभावित करने में माहिर होते हैं निश्चित रूप से यह सितारों से भी की बढ़ती है वरना कंपनियां इतिहास क्यों नहीं देती जब हम TV परिहार देखते हैं या रेडियो पर सुनते हैं तब हमारा चेतन मन उस पर ध्यान नहीं दे रहा होता मगर हमारा अवचेतन मन हर उस चीज को स्वीकार कर लेता है जो कुछ भी उस में डाला जाता है क्या आपने कभी TV से बात की है कभी नहीं हम पिक्चर देखते हैं तो हंसते हैं रोते हैं क्या ऐसा इस वजह से होता है कि उन्होंने सीट में कुछ लगाया होता है या इस वजह से कि हम जो भावात्मक सीन देते हैं सुनते हैं उसी का भारत पर असर तुरंत हम पर होता है इनपुट करते तो आउटपुट खुद बदल जाएगा.।

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