उदार बनने की प्रैक्टिस करें. ।

यह बाबा नमक परिपक्वता और समझदारी की पहचान है उधर होने का मतलब कि आप बिना किसी के कहे उनका ख्याल रखें और उनके लिए सोचे विचारे उधार लोग जीवन कि नेताओं का जैसा अनुभव करते हैं वैसे स्वार्थी लोग सपने में भी नहीं कर सकते जैसे तारीख को श्रद्धा और प्रभावशाली बनाने यह साफ और स्पष्ट होनी चाहिए अगर मैं किसी को यह कह कर चल देता हूं कि उसने अच्छा काम किया तो वह मन में क्या सोचेगा वह सोचेगा मैंने क्या अच्छा किया हुआ कुछ समझ नहीं पाएगा मगर जब मैं यह कहता हूं तुम ने जिस तरह डियर और नाखून खराब को समझाया वह बहुत अच्छा काम था अपनी प्रशंसा में परंतु लगाकर उसे हल्का ना करें परंतु लगाने से उसका साकार तक कम हो जाता है इससे हम पचासा को मिटा देते हैं और इसके अतिरिक्त आय से दूसरे शब्दों को इस्तेमाल करना बेहतर कुछ इस तरह कहिए मुझे आपका काम पसंद आया और इसके अतिरिक्त क्या आप कृपया बजाय इसके कहीं मुझे आपका काम पसंद आया लेकिन पसंद शक करने के बाद आपको उसकी रसीद पिया स्वीकृति प्राप्त करने की जरूरत नहीं है कुछ लोग बदले में प्रशंसा पाने की उम्मीद रखते हुए वहीं खड़े रहते हैं प्रशंसा करने का उद्देश्य नहीं होना चाहिए किसी का एक ही प्रशंसा करने का यह मतलब नहीं कि दूसरे की निंदा की जा रही है लेकिन यह आम बात है कि कमजोर स्वाभिमान वाले लोग दूसरे की सबको अपनी निंदा समझ लेते हैं समझदारी दिखाई क्योंकि स्वार्थी होने की कीमत चुकानी पड़ती है दूसरों को भावनाओं के प्रति उदार और संवेदनशील बने.।

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