अच्छी शख्सियत बनाने के क़दम.

प्र●पहला कदम जिम्मेदारी स्वीकार करें.....
जिम्मेदारी उस व्यक्ति की तरह खिंची चली आती है जो उन्हें कंधे पर उठा सकता है...
जब लोग अतिरिक्त जिम्मेदारियों को स्वीकार करते हैं तो अपनी उन्नति का मार्ग खुद ही खोल देते हैं जवाबदारी को स्वीकार करना ही जिम्मेदारी व्यवहार है और यह उसकी समझदारी और परी कविता को दिखाता है जिम्मेदारी कबूल करना हमारे नजरिया और उस माहौल की छवि है जिसमें हम रहते हैं ज्यादातर लोग कुछ अच्छा होने पर तुरंत से ले लेते हैं मगर बहुत कम लोग ऐसे हैं जो गलती होने पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करने का यह मतलब नहीं कि उनसे छूट करा मिल गया है हमारा उद्देश्य जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना है जिम्मेदारी की भावना का विकास बचपन से ही किया जाना चाहिए आज्ञापालन के बगैर इसे सिखाया नहीं जा सकता और अपने फैसले खुद करते हैं और अपने जीवन को दिशा भी खुशी देते हैं जिम्मेदारियां कबूल करने में खतरा भी होता है और जवाब बार-बार देना पड़ता है ज्यादातर लोग अपने आराम के दायरे में ही रहना चाहते हैं और बगैर जिम्मेदारियों को स्वीकार किए निकम्मी जिंदगी बिताना पसंद करते हैं जिंदगी के भाव में खुद कुछ करने के बजाय में कुछ होने का इंतजार करते रहते हैं जिम्मेदारी को कबूल करने का मतलब है सोच विचार कर नाते तोड़ ले फैसले ले और अपनी जिम्मेदारी को सही ढंग से निभाई इसका मतलब है कि सबसे सही फैसला करने दिया कदम उठाने से पहले उसके नफे-नुकसान पर पूरी तरह सोच विचार कर लिया जाए जिम्मेदारी लोग ऐसा कभी नहीं सोचते कि उनको आजीविक देना दुनिया का फर्ज है आप बचत को नजरअंदाज करके खुशहाल नहीं हो सकते आप मजबूत को कमजोर कर के कमजोर को मजबूत नहीं बना सकते आप अमीरों को गरीब बनाकर गरीबों को अमीर नहीं बना सकते आप रोजगार देने वाले को नुकसान पहुंचाकर रोजगार लेने वाले की मदद नहीं कर सकते आप इंसान की आजादी छीन कर चरित्र और हिंदी नहीं पढ़ा सकते आप आपसे ग्रीस को बढ़ावा देकर भाईचारा नहीं पढ़ा सकते आप अपनी चादर से बाड़मेर बस रहने के बाद अपनी मुश्किलों से नहीं बच सकते उन कामों को करने के लोग खुद कर सकते हैं और जो उन्हें करने ही चाहिए आप उनकी परमानेंट मदद नहीं कर सकते.।

( नमस्कार दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो लाइक और शेयर करें और जानकारी के लिए फॉलो बटन को क्लिक करें.।)

Comments