आदि मानव प्रकृति से पदार्थों को एकत्रित करके जीवन व्यतीत करता था उस समय मनुष्य जीवन पूरी तरह से प्रकृति पर निर्भर था जल एवं वायु पर्याप्त शुद्ध थे समय के साथ विज्ञान एवं तकनीक का विकास हुआ मनुष्य ने प्रकृति पर विजय पाने की कोशिश में पर्यावरण को अपनी आवश्यकता के अनुसार बदलता प्रभाव किया प्रकृति पर्यावरण में उसने गैरजरूरी हस्तक्षेप किया मनुष्य द्वारा की गई थी प्रकृति नगरीकरण और उद्योगी करण में प्रकृति पर्यावरण में महत्वपूर्ण बदलाव हुए पूरे विश्व में प्राकृतिक पर्यावरण के विनाश का मुख्य कारण भूमि के उपयोग का बदला ना स्वरूप है भारतवर्ष में कृषि क्षेत्र बढ़ाने के लिए धीरे-धीरे वनों को नष्ट किया जा रहा है मानव बसाहट के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी प्रभाव का निर्माण हो रहा है खुले स्थान धीरे-धीरे गायब होते जा रहे हैं मानव की कटाई पशुचारण जल विद्युत आपूर्ति एवं सिंचाई हेतु बड़े बांधों के निर्माण नहीं सड़कों एवं रेल मार्ग के फैलाव कथा कल कारखानों के विकास में भारत भूमि उपयोग के तौर तरीकों को काफी बदल दिया इसके प्राकृतिक संतुलन बिगड़ा है विभिन्न प्रकार के जीवो के आवास नष्ट हुए और हजारों किस्म के पौधे और जीव लुप्त होने लगे हैं मानव बसाहट और औद्योगिक तथा आर्थिक विकास के लिए पर्यावरण के साथ निरंतर छेड़छाड़ ही पर्यावरण शरण है प्राकृतिक पर्यावरण का क्षरण मानव की प्राकृतिक संसाधनों के निरंतर एवं की उपज है विश्व भर में भूमि के बदलने रूप के लिए नेतृत्व जिम्मेदार है जिनमें निम्नलिखित प्रमुख है.।
प्र● जनसंख्या वृद्धि और प्रजनन> वर्तमान में विभिन्न देशों में मनुष्य की जन संख्या में निरंतर वृद्धि ना जनसंख्या विस्फोट का रूप ले लिया चिकित्सा क्षेत्र में हुई प्रकृति के कारण मानव जीवन शैली बेहतर हुई है जन्म दर और मृत्यु दर में कमी आई बीमारी सूखा युद्ध के कारण होने वाली मौतों कम हुई परिणाम स्वरुप मृत्यु दर में अप्रत्याशित गिरावट आई और जनसंख्या में वृद्धि हुई जनसंख्या की असीमित वृद्धि से भीड़ भाड़ बेरोजगारी संसाधनों की कमी प्रदूषण मानसिक एवं सामाजिक तनाव जैसी समस्या सामने आयी.।
प्र● वन अपरोपण> वन अपरोपण का अर्थ है वनों की काटना या किसी क्षेत्र से पेड़ों का सफाया करना वनों का कम होना विभिन्न मानसिक प्रयासों का फल है स्थानांतरी कृषि जैसे पुरानी पद्धति ने वक्षों को काटो और जलाओ का सिद्धांत अपनाया गया फिर उस भूमि पर कुछ समय कृषि कार्य करके छोड़ दिया गया मिट्टी की उपजाऊ शक्ति में कमी से फसलों की उपज में कमी आई है उन्हें वनों को काटने का काम शुरू हुआ कृषि किस प्रणाली से वनों को काफी नुकसान हुआ विशाल बांधों के निर्माण जलविद्युत परिजनों के प्रभाव करने बिजली वितरण तथा रेल लाइन एवं सड़क के विस्तार से वापसी क्षेत्रों के फैलाव से और इंसान की उत्पत्ति तथा उद्योगों के लिए रक्षा की कटाई से भी वनों को नुकसान हुआ भारत में पर्यावरण संतुलन के लिए कुल भूमि के 33% भाग पर वन होना चाहिए लेकिन आज मात्र 21 प्रतिशत भूमि पर ही वन है हिमालय पूर्वोत्तर सीमा क्षेत्र में वनों की अंधाधुंध कटाई में भूमि अपरदन को बढ़ावा दिया है वहां भू संकलन एक सामान्य बात है राजस्थान गुजरात और हरियाणा में भूमिगत जल का स्तर बहुत नीचे चला गया यहां मरुस्थलीय क्षेत्रों का विस्तार भी हुआ है.।
प्र● अतिचारण> पालतू पशुओं द्वारा वनस्पति के अध्यक्ष चारण को अतिचारण करते हैं अतिचारण से वहां दोबारा वनस्पति चित्र नहीं बना पाती इसका दुष्प्रभाव यह होता है कि भूमि पर यह वनस्पति की सत्ता समाप्त हो जाती है भू प्रधान के कारण भूमि के मरुस्थल में बदलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है ऐसे क्षेत्रों में मिट्टी पानी कम सुख पति है और पौधों में पर्याप्त पानी प्राप्त नहीं होता राजस्थान गुजरात एवं पश्चिम मध्य प्रदेश के उच्च पठारी प्रदेशों में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है.।
प्र● कृषि में हानिकारक कीट नाशक आदि का उपयोग> भोजन संबंधी बढ़ती मांग की पूर्ति हेतु अधिक उपज वाली फसलों को उगाया जाता है अधिक उत्पादन के लालच में रासायनिक खाद का भरपूर उपयोग कीटनाशकों का प्रयोग एवं खरपतवार नाशक रसायनिक का छिड़काव कृषि क्षेत्र में किया जाना काम बात है खेतों से जल की पर्याप्त निकासी ना होने के वनीकरण बड़ा है तथा पानी की मात्रा बढ़ने से मिट्टी के पौष्टिक तत्वों में किसी आई है उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश दिया राजस्थान और गुजरात में भूषण बढ़ने का कारण कृषि है चंबल माही यमुना साबरमती और उनकी सहायता नदियों के क्षेत्र के लगभग 35 लाख हेक्टेयर जमीन भीड़ में बदल गई है.।
प्र●अति खनन> खनन का अर्थ है धरती को खोदकर खनिज एवं अन्य पदार्थों को निकालना भारत में लगभग80.000हेक्टेयर भूमि पर खनन कार्य हो रहा है भूमि से पेड़ पौधों को काटा जा रहा है इसके परिणाम स्वरुप भूमिगत जल के संरक्षण में रुकावट होती है वह शकंर मलबे का जमाव मृदा अपरदन और नई भू आकृतियों का निर्माण होता है अति खनन के दुष्प्रभाव को भारत के हिमालय पर्वत श्रेणियों से गिरी गंगा यमुना से बनी दून घाटी में देखा जाता है पहले यह घाटी क्षेत्र बन समाधि ली थी चाय जैसी फसलों के लिए विश्व प्रसिद्ध था लेकिन अब चूना पत्थर के धातु खनन से घाटी क्षेत्र का सिर्फ 12% भाग की हरियाली ल्यूक है जयपुर जोधपुर उदयपुर जिले में पत्थर की खदानों के कारण जमीन में गाड़ बढ़ गया है आवास पास की हरियाली समाप्त हो गई है बस्तर की डोलोमाइट खदान उसे कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्योग को खतरा उत्पन्न हो गया है.।
प्र● नगरीकरण> नगरों का विस्तार समीप के ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि को मिलाकर किया जाता है विस्तार हेतु सामान्यतः कृषि वन एवं चरागाह भूमि को अधिग्रहित किया जाता है नगरों के विस्तार की स्याही नगरीकरण नगरीकरण से जनसंख्या घनत्व संघन होने लगता है यातायात की सुविधा है बढ़ती है सड़कों रेलवे अस्पताल और दफ्तरों सामुदायिक केंद्र वादी का विस्तार होता है इन सभी से प्रदूषण में वृद्धि होती है नालियों में अपशिष्ट पदार्थों का जमाव अधिक होने लगता है इनका प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है भारत के चार महानगरों दिल्ली मुंबई कोलकाता और चेन्नई में लगभग 5 करोड़ जनसंख्या निवास करती है यह महानगर तरह-तरह की अवस्थाओं पेयजल समस्या नगरी प्रदूषण बेरोजगारी एवं शांति के शिकार होते रहते हैं.।
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