ऐसा कभी कभी हो सकता है कि हमारी आलोचना गलत या सही ढंग से की जाती है दुनिया में महान लोगों की भी आलोचना हुई है सही आलोचना फायदे बंद हो सकती है और इसे एक अच्छी सलाह के रूप में स्वीकार करना चाहिए नाजायत आलोचना एक छुपी हुई तारीख का रूप है आम लोग जीतने वालों को पसंद नहीं करते जब लोग प्रसन्न सफल नहीं होते तो आलोचकों के नाम पास करने के लिए कुछ नहीं होता आलोचना से हमेशा बचे रहने के लिए केवल एक ही तरीका है कि आप ना तो कुछ करें ना करें और ना ही सुनो आप एक बहुत बड़े नाकारा इंसान बन जाते हैं गलत आलोचना इन 2 वजहों से होती है.।
प्र●1 अज्ञानता> जब अज्ञानता की वजह से आलोचना होती है तो सही जानकारी देकर आसानी से स्थिति में सुधार लाया जा सकता है.।
प्र●2ईष्र्या> जब इंसानों की वजह से आलोचना होती है तो इसे छिपी हुई तारीफ के रूप में स्वीकार करें आपकी गलत आलोचना इसलिए हो रही है कि आप आलोचना खुद को आपकी जगह देखना चाहता है लेकिन वहां ना हो सकने की वजह से वह तारीफ की जगह आपकी आलोचना करता है जिस पेड़ पर सबसे ज्यादा फल लगते हैं उसी पर सबसे ज्यादा पत्थर मारे जाते हैं.।
रचनात्मक आलोचना को शिकार करने की काबिलियत ना हो कमजोर स्वाभिमान को देखता है आलोचना को स्वीकार करने के कुछ सुझाव..।
इसको सही ढंग से लें इसे बड़प्पन के साथ स्वीकार करें ना कि मनमुटाव के साथ इस से सीख ले खुले मन से इसे स्वीकार करें पर के और मगर अगर ठीक लगे तो इस पर अमल करें उस इंसान के शुक्रगुजार हूं जो आपकी रचनात्मक आलोचना करता है क्योंकि वह आपका शुभचिंतक है और आपकी सहायता करना चाहता है मुझे स्वाभिमान वाला व्यक्ति संख्यात्मक आलोचना को स्वीकार करके बेहतर बनाता है ना कि खराब ज्यादातर लोग के साथ समस्या यह है कि मैं झूठी तारीफ सुनकर बर्बाद होना 2पसंद लगेंगे बजाय इसके लिए सही आलोचना शिकार करके जितना और आगे बढ़ना आलोचना शिकार है.।
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