अनमोल वचन50 जैसे कि आप.।

प्र●उन लोगों को कभी न भूलें, जिन लोगों ने तब आपकी मदद की हो, जब कोई भी आपकी मदद के लिए आगे नहीं आया था.।
– न भूलें मदद करने वाले को…
1●<बुद्धि जिसके पास है उसी के पास बल होता है  चाणक्य नीति हाथी जैसे विशाल जानवर को एक छोटे से अंकुश से वश में किया जा सकता है ये इसी बात का प्रमाण है कि बुद्धि और तेज में ज्यादा शक्ति होती है.।
2●<अँधेरा चाहे कितना भी घना हो लेकिन एक छोटा सा दीपक अँधेरे को चीरकर प्रकाश फैला देता है वैसे ही जीवन में चाहे कितना भी अँधेरा हो जाये विवेक रूपी प्रकाश अन्धकार को मिटा देता है.।
3●<वज्र पर्वत से बहुत छोटा है लेकिन वज्र के प्रभाव से बड़े से बड़े पर्वत भी चकनाचूर हो जाते हैं.।
4●<नीम के पेड़ को अगर दूध और घी से भी सींचा जाये तो भी नीम का वृक्ष मीठा नहीं हो जाता, उसी प्रकार दुष्ट व्यक्ति को कितना भी ज्ञान दे दो वो अपनी दुष्टता नहीं त्यागता.।
5●<जिसने अपनी इच्छाओं पर काबू पा लिया, उस मनुष्य ने जीवन के दुखों पर काबू पा लिया.।
6●<संकट के समय धैर्य धारण करना मानो आधी लड़ाई जीत लेना है.।
7●<बिना कुछ किये ज़िन्दगी गुज़ार देने से कहीं अच्छा है ज़िन्दगी को गलतियां करते गुज़ार देना.।
8●<पाप एक प्रकार का अँधेरा है, जो ज्ञान का प्रकाश होते ही मिट जाता है.।
9●<क्रोध हमेशा मनुष्य को तब आता है जब वह अपने आप को कमज़ोर और हारा हुआ पाता है.।
10●<सफलता की कहानियां मत पढ़ो उससे आपको केवल एक सन्देश मिलेगा असफलता की कहानियां पढ़ो उससे आपको सफल होने के कुछ विचार मिलेंगे.।
11●<लगातार हो रही असफलताओं से निराश नही होना चाहिये कभी कभी गुच्छे की आखिरी चाभी ताला खोल देती है.।
12●<पैर की मोच और छोटी सोच हमें आगे बढ़ने नहीं देती.।
13●<दुनिया में सब चीज मिल जाती है केवल अपनी गलती नहीं मिलती.।
14●<अपनी कमियाँ पूरी दुनिया से छिपाइए लेकिन अपनी कमियाँ कभी खुद से मत छिपाइए अपनी कमियाँ खुद से छिपाने का मतलब होता है अपने आप को खुद बर्बाद करना.।
15●<अपनी कमियाँ पूरी दुनिया से छिपाइए लेकिन अपनी कमियाँ कभी खुद से मत छिपाइए अपनी कमियाँ खुद से छिपाने का मतलब होता है अपने आप को खुद बर्बाद करना.।
16●<मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मांगना क्योकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का.।
17●<ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते इसलिए उन्होंने माँ को बनाया.।
18●<परिश्रम वह चाबी है जो सौभाग्य के द्वार खोलती है.।
19●<मस्तक को थोड़ा झुकाकर देखिए आपका अभिमान मर जाएगा.।
20●<आँखें को थोड़ा भिगा कर देखिए आपका पत्थर दिल पिघल जाएगा.।
21●<दांतों को आराम देकर देखिए आपका स्वास्थ्य सुधर जाएगा.।
22●<जिव्हा पर विराम लगा कर देखिए आपका क्लेश का कारवाँ गुज़र जाएगा.।
23●<इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए आपको खुशियों का संसार नज़र आएगा.।
24●<हाथ में घडी कोई भी हो, लेकिन वक़्त अपना होना चाहिए.।
25●<मनुष्य को चाहिए कि दुराचारी, कुदृष्टि वाले, बुरे स्थान में रहने वाले और दुर्जन मनुष्य के साथ मित्रता न करें, क्योंकि इनके साथ मित्रता करने वाला मनुष्य शीघ्र ही नष्ट हो जाता है.।
26●<विद्या के अलंकार से अलंकृत होने पर भी दुर्जन से दूर ही रहना चाहिए, क्योंकि मणि से भूषित होने पर भी क्या सर्प भयंकर नहीं होता.।
27●<शत्रु को सदैव भ्रम में रखना चाहिए जो उसका अप्रिय करना चाहते हो तो उसके साथ सदा मधुर व्यवहार करो उसके साथ मीठा बोलो शिकारी जब हिरण का शिकार करता है तो मधुर गीत गाकर उसे रिझाता है और जब वह निकट आ जाता है तब वह उसे पकड लेता है.।
28●<हम क्या कर चुके हैं इससे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि अभी क्या करना बाकि है मैरी क्यूरी.।
29●<पेड़ कभी डाली काटने से नहीं सूखता पेड़ हमेशा जड़ काटने से सूखता है वैसे ही इंसान अपने कर्म से नहीं बल्कि अपने छोटी सोच और गलत व्यवहार से हारता है.।
30●<ध्यान रहे शिखर पर इंसान हमेशा अकेला होता है.।
आपके हाथों से कोई छीन सकता है लेकिन जो नसीब में है उसे कोई नहीं छीन सकता.।
31●<आकाश से ऊँचा कौन  पिता धरती से बड़ा कौन  माता.।
32●<प्रयास करने वाला इंसान एक बार गिरता है लेकिन प्रयास ना करने वाले लोग जीवन भर गिरते रहते हैं.ः
33●<दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता हैअगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो.।
34●<पैसे से बिस्तर खरीदा जा सकता है, नींद नहीं
पैसे से महल खरीदा जा सकता है लेकिनसुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो.।
35●<पैसे से बिस्तर खरीदा जा सकता है नींद नहीं पैसे से महल खरीदा जा सकता है लेकिन खुशियाँ नहीं.।
36●<जो इंसान दूसरों का दुःख दर्द समझता है वही महापुरुष है.।
37●<भगवान हर जगह मौजूद नहीं हो सकते इसीलिए उन्होंने माँ को बनाया.।
38●<लोग क्या कहेंगे ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती.।
39●<मैं आप उस इंसान को ढूंढ रहे हैं जो आके आपकी मदद करेगा तो शीशे के सामने खड़े हो जाएँ आपको वो इंसान नजर आएगा जो आपकी मदद कर सकता है.।
40●<सफलता का कोई पैमाना नहीं होता एक गरीब बाप का बेटा बड़ा होकर ऑफिसर बने पिता के लिए यही सफलता है जिस इंसान के पास कुछ खाने को ना हो वो सुख पूर्वक 2 वक्त की रोटियां जुटा ले ये भी सफलता है.।
41●<अपनी गलती स्वीकार कर लेने में लज्जा की कोई बात नहीं है। इससे, दुसरे शब्दों में, यही प्रमाणित होता है कि बीते हुए कल की अपेक्षा आज आप अधिक बुद्धिमान हैं.।
42●<जिस प्रकार बिना घिसे हीरे पर चमक नहीं आती, ठिक उसी तरह बिना गलतियाँ किये मनुष्य सपूर्ण नहीं बनता चीनी कहावत.।
43●<चिन्ता ने आज तक कभी किसी काम को पूरा नहीं किया महत्व इसका नहीं है कि हम कब तक जीते हैं महत्त्व की बात तो यह है कि हम, कैसे जीते हैं.।
44●<दोषभरी बात यदि यथार्थ है, तब भी नहीं करना चाहिए, जैसे अंधे को अंधा कहने पर तकरार हो जाती है.।
45●<तीन विश्वासी मित्र होते हैं वृद्धा पत्नी बुढा कुत्ता और नकद धन.।
46●<जो मित्रता में से आदर निकाल देता है वह मित्रता का सबसे बड़ा आभूषण उतार देता है.।
57●<पैसेवाले पैसे की कदर क्या जानें  पैसे की कदर तब होती है जब हाथ खाली हो जाता है तब आदमी एक एक कौड़ी दाँत से पकड़ता है.।
48●<कर्तव्य ही ऐसा आदर्श है जो कभी धोखा नहीं दे सकता धैर्य एक कडुवा पौधा है पर पर फल मीठे आते हैं.।
●< 49मानसिक पीड़ा शारीरिक पीड़ा की अपेक्षा अधिक कष्टदायक होती  है.।
50●<ध्येय जितना महान होता है, उसका रास्ता उतना ही लम्बा और बीहड़ होता है.।
अतःअगर आपके पास अच्छे नए विचार हैं तो जरुर कमेन्ट के मध्यम से भजे अच्छे लगने पर हम उस शुभ विचार इस लेख में शामिल करेगे.।

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