फैसला आपके हाथ में है कि आप क्या करना चाहते हैं?यदि आप सफल होना चाहते हैं और अपना आत्मसम्मान कर सकते हैं तो ये लेख आपके लिए ही है।दूसरों की इज्जत करना तो अच्छी बात है लेकिन खुद की इज्जत किये बिना आप सफलता की ओर एक कदम भी नहीं बढ़ा सकते। अतः अपनी को बढाइये।
यदि आप खुद की इज्जत करना सीख जायेंगे तो दूसरों को भी अच्छी तरह इज्जत दे पाएंगे।.जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हम बहुत कुछ करते हैं। सफल होने के लिए हम दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं। दूसरों से कुछ उम्मीद रख लेते हैं। दूसरों का सम्मान करना भी सीख जाते हैं। लेकिन खुद के बारे में कुछ नहीं सोचते।दूसरों के बारे में ऐसा सब करना बहुत अच्छी बात है लेकिन आप यह बात सोचिये कि आपको सफल किसे बनाना है? कभी सोचा है?अगर नहीं तो अभी सोचिये बात यह है कि आपको खुद को सफल बनाना है।और यदि आपको खुद सफल बनना है तो दूसरों के अलावा आपको खुद के बारे में भी कुछ अच्छा सोचना और करना होगा.यदि यदि आप आत्मसम्मान के लिए कुछ करोगे या न करोगे पर अपनी इज्जत के लिए हमें अपना लैंग्वेज मतलब कि स्वस्थ विचार सम्मान जो सम्मान में है वही अपने जीवन का महत्वपूर्ण अर्थ है हमें क्या करना है क्या ना करना है जो भी जैसा भी हो हमें उसका सम्मान करना चाहिए उससे हमें भी सम्मान मिलेगा और आप उसका सम्मान नहीं करोगे तो आपको सम्मान नहीं मिलेगा यही बात हमारे ऊपर है विचार ही स्वर्ग है अच्छे शब्द की पहचान अलग होती है और बुरे शब्द की पहचान अलग होती है हम चाहते हैं कि हम यह बोल दे हम इसे या कह दें पर यह भी सोचो कि वह भी हमें ऐसा ही बोलेगा जैसा हम बोलेंगे अच्छी बातें अच्छे लोगों को आती है बुरे लोगों को नहीं हमारा आत्म सम्मान अच्छे लोग करते हैं बुरे लोग नहीं जो लोग दूसरों को इज्जत नहीं देते हैं वह अपनों को क्या देंगे वही बात अपनों पर आती है हम दूसरों को इज्जत ना देंगे वह हमें क्या इज्जत देंगे दर्द भरी कहानी है जो आए गए वहीं लेकर जाएंगे हम खाली आए हैं खाली जाएंगे इस दुनिया में कौन है जो यहां से कुछ लेकर ऊपर गया हमें उस पर गर्व करना चाहिए जो हमें कुछ ना कहें और कुछ सुनकर जाए वही जीवन का विचार है हमें अच्छा बोलने वाले लोग बहुत मिलेंगे पर सच बोलने वाले लोग बहुत कम जो सम्मान करते हैं वह ही आगे बढ़ते हैं वैसे लोग एक सीढ़ी के ऊपर एक सीढ़ी चढ़ते हैं उनके विचार शुद्ध होते हैं हमें जो जीवन में सीखा वही अपना सम्मान जिसने अपने गुरु के चरणों में नमन कराओ वही अपना गुरुओं के सामने सम्मान संघनन हमें बोलने वाले लोग नहीं सम्मान करने वाले लोग पसंद है जैसे....
जो व्यक्ति स्वयं से प्यार करना सीख जाता है, वह सेलप ड़ीपेन करना सीख जाता है। खुद से प्यार करने का अर्थ है- आपका स्वयं के प्रति अपने विचार का होना। जब आप खुद से प्यार करने लगेंगे तो आपका खुद को सामान मीलना हो जायेगा। सच ही कहा है किसी ने कि जिसने खुद से प्यार करना सीख लिया, वह दूसरों को भी सच्चा प्यार कर पायेगा खुद के बारे में अच्छा सोचे
हम दूसरों के बारे में अच्छा सोचने लायक तभी बनेंगे जब हम खुद के बारे में अच्छा सोच पायेंगे। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको कुछ अच्छा करने के साथ अच्छा सोचने की भी जरूरत होती है। जब आप खुद के बारे में अच्छा सोचेंगे तभी आपको विश्वास होगा कि आप कुछ अच्छा कर सकते हैं।स्वयं की अच्छी देखभाल कीजिये सेलफ के लिए सेलफ बनना भी बहुत जरूरी है। समय पर खाने की आदत डालना, समय पर उठना और सोना अच्छे कपड़े पहनना अपनी का ध्यान रखना आदि सेल्फ केयर में ही आता है। जीवन में सफलता के लिए शुद्ध विचार बहुत जरूरी है बहुत जरूरी है।...
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