रात और दिन दो नन्हे आंखें देखे तुझको तेरे हर एक शब्द पर उसके कान लगे हैं उसके छोटे हाथ चाहे तो सही करना ख्वाबों में भी देखे वह तो सही बनना सबसे बुद्धिमान तुम उसके आदर्श बने हो रत्ती भर संदेह नहीं है उसको तुझ पर भक्ति भाव से कहता वह विश्वास है तुझे तेरी कथनी करनी ही सवार है उस पर तुझसे अगर वह कहें करेगा तभी तो बन पाएगा तू का अचार यकृत हो नन्ना मुन्ना करें अटूट विश्वास है तुझ पर उसकी आंखे तुझे दिन रात कैसे बनाए रखने नित्य कर्म से उसके लिए जो इंतजार में है बड़ा होकर सब बनने की विश्वास बनाया है उसमें.।
काम पर जाने से पहले एक पति पत्नी अपनी बेटी को डे केयर सेंटर में छोड़ जाया करते थे जब भी अलग होने लगते थे तो एक दूसरे के साथ को चूमते और चुंबन को अपनी जेब में डाल लेते दिन जब वह लड़की अकेलापन महसूस करती तो वह एक चुंबन जेब से निकाल कर अपने गालों से लगा देती है छोटी सी दिनचर्या शारीरिक रूप से दूर होने पर भी उन्हें एक दूसरे के नजदीक रखती कितना आचार्य कृत करने वाला और खूबसूरत भाव है तब परीलोक से उतर कर, परियों की राजकुमारी नीचे आयी और एक पेड़ के पीछे से छिपकर देखने लगी l उसने देखा कि , सुन्दरता, समझदारी, तेज, शक्ति, निडरता, स्फूर्ति, चतुराई के बावजूद भी सभी बच्चे स्वास्थ्य संबंधी किसी न किसी समस्या से जूझ रहे थे l कुछ बच्चों के दांतों में सडन थी तो कुछ की आँखों में चश्मा लगा था ; कुछ बच्चे हेमोग्लोबिन की कमी से एनीमिक व थके-थके रहते थे, तो कुछ में कैल्शियम की कमी से हड्डियाँ व दांत कमज़ोर थे ; कुछ बच्चे ज़रुरत से ज्यादा ही मोटे थे तो कुछ बहुत कमज़ोर थे l वहीं कुछ बच्चे तो पढ़ाई में अपना ध्यान भी केन्द्रित नहीं कर पाते थे l
ये सब देखकर राजकुमारी बहुत उदास हुई और दुःख से रोने लगी l परियों की राजकुमारी नें अपने प्यारे बच्चों की समस्त स्वास्थय समस्याओं के मूलभूत कारण को खोजने का फैसला किया l
जैसे ही मध्यान्ह भोजन की घंटी बजी, परी एक कक्षा के दरवाजे के पीछे छिप गयी l उसने देखा कि बच्चे अपने टिफिन बॉक्स में चोकलेट, केक, पेस्ट्री , चोको-पाई , ब्रेडजैम,सैंडविच, मैगी , चाऊमीन, फ्रेंच फ्राईज , बर्गर , कुरकुरे, वेफर, पिज्जा, बिस्कुट , कुकीज़ आदि खाने की चीज़ें लाये हैं l परी बहुत चिंतित हुई, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों में न तो प्राकृतिक रेशे व पोषक तत्व होते हैं और न ही संतुलित मात्रा में प्रोटीन व विटेमीन l साथ ही इन खाद्य पदार्थों में रासायनिक रंग, कृत्रिम रासायनिक संरक्षक व चटपटे मसालों को मिलाया जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं l
परी की आँखों में आंसू आ गए l अचानक उसे याद आया वो दिन जब कुछ साल पहले भी वो सबसे तंदुरुस्त बच्चे को तोहफे व वरदान देने आयी थी l तब उसने देखा था कि
बच्चों के टिफिन में रंग-बिरंगे अंकुरित अनाज, चौकोर टुकड़ों में कटे खुशबूदार फल जैसे सेब, नाशपाती, पपीता, आम, केला, लाल-लाल गाजर , हरे हरे मटर की सब्जी, गोल-गोल रोटी, मटर पुलाव, आदि खाने की चीजें थीं l ये सभी खाद्य पदार्थ पोषक तत्वों से भरपूर, व प्राकृतिक रेशे से युक्त थे l पिछली बार परी बहुत खुश हुई थी, क्योंकि तब सभी बच्चे बहुत स्वस्थ व सेहतमंद थे l तब परी नें सभी बच्चों को ढेर सारे तोहफे, वरदान और आशीर्वाद दिए थे जब नन्ही आंखों के गहरे में माता पिता रहते हैं वह पल खूबसूरत भाव के नजदीक रहती है यही माता पिता का प्यार है यही नन्हें बच्चों का संसार है.।
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