अपनी कमियों को खूबियों में बदले...|

ऐसे लोगों की जीवनी पढ़ें जिन्होंने हर को जीत में नुकसान को फायदे में रास्ते को खतरों को सफलता की सीडी में बदल दिया हो इसे लोग दुखी और उदास होने से इंकार कर देते हैं मायूसियों और नाकामियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते दुनिया को सर्वश्रेष्ठ संगीत देने वालों में एक भी तो ₹1 थे उनकी क्षमता क्या थी वह मरे थे प्रकृति के ऊपर सर्वश्रेष्ठ कविताएं लिखने वालों में एकता मिल्टन उनकी क्षमता क्या थे वह देते सेकेंडरी रिजल्ट अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपति और दुनिया के महानतम नेताओं में से थे उनकी क्षमता क्या थी पर चल भी नहीं पाते जिससे उन्हें वह हिल चेयर पर ही बैठ कर काम करना पड़ता था विलोम और उदल का जन्म देने के एक गरीब डबल निमोनिया और काला बुखार ने गंभीर रुप से बीमार कर दिया इनकी वजह से उसे पूरी हो गया वह पैसे को सहारा देने के लिए बेस्ट ना करती थी डॉक्टरों ने तो याद कर डाला था कि वह जिंदगी भर चल फिर नहीं सकेगी लेकिन विल्मा की मां ने उसकी हिम्मत बढ़ाई और का हाकी ईश्वर में विश्वास मेहनत और लगन से वह जो चाहे कर सकती है यह सुनकर विल्मा ने कहा कि वह इस दुनिया की सबसे तेज धाविका बनना चाहती है 9 साल की उम्र में डॉक्टरों के मना करने के बावजूद फिल्म भैंस को उतार कर पहला कदम लिया जबकि उन्होंने डॉक्टरों ने कहा था कि वह कभी भी चल नहीं पाएगी 13 साल की होने पर उसने अपनी पहली दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा किया सबसे पीछे रही उसके बाद तो दूसरी तीसरी चौथी + सबसे पीछे रही उसके बाद वह दूसरी तीसरी चौथी दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लेती रही हमेशा फ्री स्थान पर आती रही और वो तब तक इस करती रही जब तक वो दिन आ गया जब फर्स्ट आए 15 साल की उम्र में भी मानी गई जहां पर वह टेंपल नाम के एक मिली उन्हें अपनी कंपनी प्राइस बताएं कि मैं दुनिया की सबसे तेज धावक बनना चाहती हूं तुम्हारी इच्छा शक्ति की वजह से कोई भी तुम्हें नहीं रोक सकता और साथ में भी तुम्हारी मदद करूंगा आखिर वह दिन आया जब विल्मा ले रही थी ओलंपिक में दुनिया के सबसे तेज दौड़ने वाले मुकाबला करना पड़ता है फिल्म का मुकाबला जूता है जिसे कोई हरा नहीं पाया पहली 200 मीटर की इस नवीन मान्यता को हराकर अपना पहला गोल्ड मेडल जीता दूसरी ओर 400 मीटर की थी इसमें भी बिल माने जूता को दूसरी बार हराया और उसे दूसरा गोल्ड मेडल मिला तीसरी बार मुकाबला एक बार फिर से ही था रेलवे में रेस का आखरी स्टीम का सबसे तेज इतनी ही दौड़ता है विल्मा की टीम के तीन लोक रिले रेस के शुरुआती 3 हिस्से में दौड़े और आसानी से पैठन बदली जब वेलमा के दौड़ने की बारी आई उसे बैठने की छूट गई लेकिन मिलना ने देख लिया कि दूसरे छोर पर जूता हैना तेजी से दौड़ चली धोनी की जूता को तीसरी बार बिहार आया और अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीता यह बात इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है लकवाग्रस्त एक महिला 1960 के ओलपिक मैं दुनिया की सबसे तेज धाविका बन गई.
विल्मा से हमें क्या सीखना चाहिए इससे हमें शिक्षा मिलती है कि कामयाब लोग कठिनाइयों के बावजूद सफलता हासिल करते हैं ना कि कब जब घटनाएं नहीं होती जब हम में से किसी युक्ति की कहानी सुनते हैं या पढ़ते हैं जिस ने की अपनी कामयाबी को खूबियों में बदल दिया हो क्या यह हमें उत्साहित नहीं करता यदि हम ऐसे ही कामयाब लोगों की जीवनी पड़े तो क्या हमारा भी हौसला नहीं बढ़ेगा...।

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