उन लोगों के लिए कुछ करे जो बदले में आपको कुछ भी नहीं दे सकते...।

विश्व प्रसिद्ध मनोचिकित्सक एक बार पूछा गया कि आप उस आदमी को यह सलाह देंगे अगर आप जानते हैं कि एक ही सी युक्ति का  डाउन होने वाला है दर्शक उम्मीद कर रहे हैं कि डॉक्टर ऐसा नहीं किया डॉक्टर मैनेजर ने कहा मैं ऐसे आदमी को यह सलाह दूंगा कि वह अपने घर में ताला लगाकर स्वर के दूसरे हिस्से में चला जाए और वहां किसी जरुरतमंद की मदद करें ऐसा करने से हम अपने रास्ते कि बंदा खुद नहीं बनाते कई बार हम अपने ही रास्ते में खुद भी रुकावट बन जाते हैं क्या यह सही बात है सोशल वर्क बनिए इसमें अपना मत व बढ़ता है जैसी मतदाता दूसरों से खुद के लिए चाहते हैं दूसरों की देशी मदद करें यह आपको संतोष की अनुभूति देगा यह एक अच्छा भावना है जिससे ऊंचे स्वाभिमान का निर्माण होता है बदले में बिना कुछ पाने की भावना कि दूसरों की मदद करना किसी यूपी में स्वाभिमान को बढ़ाता है जैसे....
उसने सारा दिन काम किया और सारी रात काम किया उसने खेलना छोड़ा और मौज मस्ती थोड़ी किस्मत भी साथ देती है जब पूरी तैयारी और अवसर दोनों मिलते हैं कमजोरी आने वाले लोग ज्योतिषियों की कमियों से विश्वास की कमी होती है काम चलाओ भाव से काम करने से नहीं संतुष्ट हो जाते हैं और खुद को बदकिस्मत करते हैं जिनकी सिर्फ मौज मस्ती और खुशी नहीं है जिंदगी में हम अंबाला तो नहीं सुन सकते मगर अपना नजरिया तो जरूर सुन सकते हैं तो समझौते का सवाल ही कहां उठता है याद रखिए समझोता भी एक चुनाव है तो आप हार चुके हैं क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती है यह सब कुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गए हैं तो आप बिछड़ गए आप सुनो नहीं ध्यान से सुनो सिर्फ ध्यान से ना सुनो समझो जितने वाली बात पैदा करने के लिए हमें हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए क्या ऐसा होना चाहिए क्या यह सही है बस की बात ही कुछ और है जिंदगी के संघर्ष दुख हो या सुख हो सकते हैं या इस बात पर निर्भर करता है कि हम उन संघर्ष का सामना कैसे करते हैं विश्वविद्यालय यह युवक बहुत काबिल मगर है हमारी कोशिश ज्ञान की बुद्धिमान के लिए होनी चाहिए जो सिर्फ गेट पाने के लिए नहीं ज्यादा सीखना पीना भी अच्छी गेट की डिग्री तो मिल जाती है लेकिन सब से हम बात कोई सीख सकता है तो वह यह है कि सीखने की सही तरीके को सीख एक ज्यादा पढ़े लिखे लेकिन नैतिक शिक्षा की नियुक्ति के मुकाबले नैतिक शिक्षा वाला यूपी जिंदगी में आगे बढ़ने और सफल पाने का ज्यादा काबिल होगा चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों की संख्या कच्ची उम्र के साथ ही क्यों कि बच्चा इन शिक्षाओं के साथ पैदा नहीं होता आप इसे एक वर्क बुक की तरह इस्तेमाल करें आपने क्या समझा क्या सोचा सब इस वर्क बुक में साइड में लिखते जाए और किताब के उन वाक्यों प्रोग्राम कोई सा पर निशान लगाते जाए जो आपके लिए जरूरी है यह एक अच्छी भावना से जिसे उच्च स्वाभिमान का निर्माण होता है विश्व प्रसिद्ध एक बार पूछा गया कि आप उस आदमी को क्या सलाह देंगे अगर आप जानते हैं कुछ समय बाद कर्मचारी की पे ना कम होने लगती है और कर्मचारी काम की टिकट बाजी सीखना लगता है इस  पर कर्मचारी ज्यादा पीड़ित नहीं होता वह बस इतना ही काम करता है जिससे कि उसके मालिक को उस नौकरी से निकालने का कारण ना मिले जब तक उसने सारा दिन काम किया और सारी रात काम किया उसने खेलना छोड़ आओ और मौज मस्ती छोड़ी किस्मत भी साथ देती हे जयपुर तैयारी और सर दोनों मिलते हैं कमजोरी आने वाले लोग जो कमियों से विश्वास की कमी होती है काम चलाओ भाव से काम करने से नहीं संतुष्ट हो जाते हैं और खुद को बदकिस्मत होते हैं जिनकी शिव तो मौज मस्ती और खुशी नहीं है जिंदगी में हम मलार तो नहीं सुन सकते मगर अपना नजरिया तो जरूर सुन सकते हैं तो समझोते का सवाल ही कांस्य कमजोर बदले में बिना कुछ पाने की भावना के दूसरों की मदद करना सिर्फ किसी व्यक्ति के सभी मान को बढ़ाता है एक अच्छी संख्या  वाले व्यक्ति को सिरपर लेने की नहीं देने की भी जरूरत होती है.  ।

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