बचपन में जो भी नजरिया हम बनाते हैं वह पूरी जिंदगी के साथ रहता है इसमें कोई शक नहीं कि यह बेहद आसान और बढ़िया होगा कि अच्छी उम्र में के दौरान ही हम सही नजरिया अपना आए तो क्या इसका यह मतलब है कि अगर कभी जानबुझकर यह गलती से हम नकारात्मक और बुरा नजरिया अपना लेते तो यह उसे बंदे ही रहेंगे जाहिर हे बिल्कुल नहीं तो क्या हम बदल सकते हैं हां क्या यह आसान होगा बिल्कुल नहीं आप केसे एक अच्छा नजरिया बनाकर उसे कार्य रख सकते हैं .
1. अच्छा नजरिया बनाने वाले उसूलों को जानें ।
2. अच्छा बनाने की इच्छा रखें ।
3. उन उसूलों का पालन करने के लिए निष्ठा और अनुशासन को अपनाएँ ।
वातावरण शिक्षा और तजुर्बा के वजूद एक समझदार इंसान होने के नाते और नजरिया के लिए कौन जिम्मेदार है.।
हम खुद जिम्मेदार हैं जिंदगी में कभी ना कभी हमें जिम्मेदारी कबूल करनी पड़ती है हम खुद को दोषी मानते के बजाय हर युक्ति और हर चीज को दोषी ठहराते हैं यह हमारे ऊपर है कि हर सुबह हम अपना नजरिया होता है करें समझदार इंसान होने के नाते यह जरूरी है कि हम अपने व्यवहार और काम की जिम्मेदारी कबूल करें गलत नजरिया वाले लोग अपने नाकामयाबी के लिए पूरी दुनिया अपने मां बाप गुरु जीवनसाथी और अर्थव्यवस्था और सरकार को दोषी ठहराते हैं आप अपने अतीत से दूर हटना होगा अपने बीते हुए कल की धूल चाट कर से रुख अपनाया अपने सपनों को बटोरी है और आगे पढ़िए सच्चाई ईमानदारी और अच्छाई जैसी सही चीजों की सोच हमारे दिमाग को अच्छी सोच के दायरे में ले जाती है अगर हम सही नजरिया बनाकर उसे कामयाब रखना चाहते हैं तो हमें नीचे लिखे कदमों को ध्यान से कमर में लाने की जरूरत है .।
1.पहला कदम अपनी सोच बदले और अच्छाई खोजें.
हमें एक अच्छा खोजी बनाने की जरूरत है जीवन में हमेशा ही अच्छा पर ध्यान देने की जरूरत है आइए हम किसी युक्तियां हालात में कमियों को देखने की बजाय उन की सभी चीजों और अच्छाइयों को देखना जरूर शुरू करें हम अपने स्वभाव के कारण दूसरों में कमियां वह गलतियां ढूंढने के इतने आदी है कि उसकी सही तस्वीर भूल जाते हैं.
गलतियां ढूंढने वाले तो स्वर्ग में भी गलतियां बढ़ने से नहीं चूकेंगे ज्यादातर लोग जिस चीज की तलाश कर रहे होते हैं वह पानी लेते हैं अगर वह दोस्ती खुशियां या अच्छाई की तलाश कर रहे होते हैं तो वहीं उन्हें मिलती जाती है अगर वह झगड़ा या मत वहीं था ढूंढते हैं तो उन्हें मिलता है सावधान अच्छाइयों का तलाश करने का मतलब यह नहीं है कि गलतियां को नजरअंदाज कर दिया जाए.।
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