डेविड और गोलियथ

डेबिट और गोली युद्ध की कहानी हम सभी जानते हैं एक राक्षस था जो गांव के बच्चों का डराता धमकाता और परेशान करता था 1 दिन 17 साल का एक गुड़िया अपने भाइयों से मिलने आया और पूछा कि तुम लोग रक्षक से लड़ते क्यों नहीं हो भाई बेहद डरे हुए थे उन्होंने जवाब दिया क्या तुमने देखा नहीं कि वह इतना बड़ा है कि उसे मारा नहीं जा सकता तब डेविड ने जवाब दिया नहीं ऐसी बात नहीं है कि वह इतना बड़ा है कि उसे मार नहीं सकते बल्कि वह इतना बड़ा है कि उसे मारो तो झुक नहीं सकते बाकी सब इतिहास है हम सभी जानते हैं कि क्या हुआ डेविड ने गुलेल से रक्षक को मार डाला रक्षक वही था लेकिन उसके बारे में डेविड का नजरिया अलग था हमारा नजरिया इस बात को तय करता है कि यह हम हर हर को किस तरह देखते हैं शंका मत सोच वालों के लिए हर सफलता की एक सीढ़ी हो जाती है तो न का मत सोच वालों के लिए रास्ते की बांदा हो सकती है अच्छी ताऊ की पहचान तक ख्वाबों और काम के हालात से नहीं मापी जाती बल्कि उनकी पहचान तो सास नजरिया और आपसी संबंधों से मापी जाती है जब कर्मचारी कहते हैं मैं यह काम नहीं कर सकता तो इस बात के दो मतलब हो सकते हैं क्या भैया करें कि उन्हें काम करना नहीं आता या फिर काम करना नहीं चाहते अगर उन्होंने काम करना नहीं आता तब तो उन्होंने टेलिंग की जरूरत है अगर वह कहते हैं कि काम करना नहीं चाहते तो यह उनके नजरिया काम हो सकता है यानी बेवफा परवाह नहीं करते या उसूल का मुद्दा हो जाता है यानी वह सोचते हैं कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए

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